OLX से महीने के 15000 कमाएं | 6 स्टेप में जाने, ओएलएक्स से पैसे कैसे कमाए,

(OLX) ओएलएक्स से पैसे कैसे कमाएं, Olx पर समान कैसे बेचें, (Olx App,Olx पर सेकंड हैंड मोबाइल, olx se saman kaise kharide,Olx क्या है)

Olx से पैसे कैसे कमाए? जी हां अगर आप भी घर बैठे अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए महीने के 15000 रुपए बेहद आसानी के साथ कमा सकते है। लेकिन कैसे? इसके बारे में आज मैं आपको विस्तृत जानकारी दूंगा। आज की इस आपा धापी की जिंदगी में लोग कमाई करने के स्रोतों की जानकारी इंटरनेट पर ढूंढते रहते हैं, जैसे – Small business Ideas in village, Google se paise kaise kamaye या Facebook से पैसे कमाए।

लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि लोग इन तरीकों से पैसे कमा रहे है, लेकिन उसके लिए थोड़ा टेक्निकल जानकारी होना आवश्यक है। जिसको हर कोई नही कर पाता। लेकिन अगर आपको मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल भी करना आता है तो आप olx के जरिए अच्छे पैसे कमा सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि Olx से पैसे कैसे कमाएं।

Olx क्या है?

Olx एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस है जहां औसतन पुराने सामानों की खरीद फरोख्त ज्यादा होती है, इसका मतलब ये नही कि यहां नए समान नहीं बिकते। जैसे अगर आप एक शहर से दूसरे शहर जा रहे हों लेकिन किन्ही कारणों से आप अपने घर के समान को ले नही जा सकते। ऐसे में आप उसे Olx पर लिस्ट कर दें।

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अब कोई ऐसा व्यक्ति जो सेकंड हैंड घरेलू सामान को खरीदना चाहता हो और वो olx पर सर्च करके आपके लिस्ट किए हुए समान को देखता है और पसंद आने पर आपके दिए हुए मोबाइल नंबर पर संपर्क करता है। जिसके बाद उचित मूल्य पर सौदा हो जाता है और खरीदार आपके घर से अपने घर समान लेकर चला जाता है।

OLX se Paise kaise kamaye : ओएलएक्स से पैसे कैसे कमाए

1 – Product बेचकर:

आप के घर के समान जिसे आप बदलना चाहते हों उसे आप Olx पर लिस्ट कर दें, जिस ग्राहक को आपका समान पसंद आएगा, वो आपके दिए हुए Contact No. के जरिए बात करेगा जिसके बाद डील होने पर आपका समान बिक जायेगा। इसके लिए आपको किसी की सिफारिश भी नहीं करनी पड़ेगी और न ही अपने समान को कबाड़ी वाले को औने पौने दामों पर बेचना पड़ेगा।

2 – दूसरों के समान को अपने नाम से लिस्ट कर बेचें:

आप चाहें तो दूसरे व्यक्तियों के समान को भी परमिशन लेकर olx पर लिस्ट कर सकते हैं, और डील हो जाने पर जिस व्यक्ति का सामान है उससे कमीशन कमा सकेंगे।

3- गाड़ी (वाहन) किराए पर देकर:

आप अपनी गाड़ियों को किराए के लिए ट्रैवल एजेंट के तौर Olx पर रजिस्टर्ड करके अच्छा पैसा कमा सकेंगे। बड़े शहरों में Ola या Uber जैसी टैक्सी सर्विसेज हैं लेकिन छोटे शहरों में अभी ये मुमकिन नहीं है। वहां के लिए आप अपने वाहन को किराए पर देकर भी बेहद अच्छी आमदनी कर सकेंगे।

4 – अपने घर के कमरों को किराए पर देकर:

Olx पर अपने घर के कमरों की फोटो अपलोड करें साथ ही आप उन सुविधाओं के बारे में भी बताएं, जो आपके यहां उपलब्ध हैं। जैसे – बालकनी, AC या Cooler, Bed, Table, Chair और WIFI जैसी सुविधाओं का जिक्र लिस्ट करते समय जरूर करें।
जिससे किराए पर कमरा लेने वाले आपसे बात करें और ऐसा करके आप अपने घर के कमरों को किराए पर देकर भी महीने में अच्छा पैसा बना सकते हैं।

5 – Services

अगर आपका कोई अलग से बिजनेस है तो Olx की मदद से आप अपने उस बिजनेस को अगले लेवल तक ले जा सकते है। जैसे आपके पास इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है तो आपको Olx पर अपनी Services लिस्ट करनी होगी, जैसे Fan, Cooler, AC, TV, Refrigerator repairing।

ध्यान देने वाली ये है कि वहां आप अपने दुकान का पता और Contact No. जरूर दें। इसके अलावा Car/Bikes Repairing, Tution/Coaching Centre, Book Store, Cake Shop जैसी तमाम सर्विसेज को लिस्ट कर पाएंगे। जहां से आपको भर भर कर ग्राहक मिलेंगे। जिससे आपकी आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी।

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6 – Jobs

अगर आप बेरोजगार है और आपको किसी जॉब की तलाश है तो आपको OLX मदद करेगा। Olx मार्केटप्लेस पर Sales, Marketing, IT, Data Entry, BPO जैसी अनेकों Full Time के अलावा Part Time Jobs भी मिल जायेंगी। Data entry, Graphics design या Content Creation के जरिए घर बैठे भी पैसे कमा सकेंगे। जहां आपको Job Provider से संपर्क कर काम लेना होता है।

Olx से पैसे कमाने के लिए कुछ जरूरी बातें

Olx से पैसे कमाने के लिए कुछ जरूरी बाते अनिवार्य है जैसे किसी विक्रेता से सलीके और तहजीब से बात करें। आप जिस भी Product की जानकारी ग्राहक को दे रहे हैं उसकी पूरी जानकारी आपके पास होनी चाहिए। जिससे आप अपनी डील को सफल कर सकेंगे।
इसके अलावा अगर कोई सर्विस देते हैं तो ग्राहक के घर जाने वाला मैकेनिक अनुभवी के साथ व्यवहार कुशल भी होना चाहिए। इन बातों को फॉलो करने से और Best Service देने से ग्राहक आपके साथ लंबे समय तक जुड़ा रहेगा। जिससे आपकी आमदनी बढ़ती रहेगी।

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Olx app को डाउनलोड कैसे करे –

  • अगर आप एंड्रॉयड यूजर है तो GOOGLE PLAY STORE से OLX app को डाउनलोड करें।
  • IPHONE USER अपने IOS STORE से OLX app को डाउनलोड कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण व ध्यान देने वाली बातें

  • अब आप अपने उस मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाएं, जिसे आप हमेशा इस्तेमाल करें।
  • Olx एप पर काम करते समय Location ऑन रखें।
  • प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसे भली भांति जांच परख लें।
  • पसंद प्रोडक्ट को खरीदने के लिए विक्रेता से मोल भाव जरूर करें।
  • ओएलएक्स के द्वारा समान खरीदने के साथ विक्रेता से उक्त उत्पाद की रसीद जरूर लें।

OLX से महीने के 15000 कमाएं | 6 स्टेप में जाने, ओएलएक्स से पैसे कैसे कमाए? ये आर्टिकल कैसा लगा? जहां तक ऑल बिजनेस को समझने की बात है अगर आप बताए गए तरीकों को आजमाते हैं तो निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में 15000 की जगह 35000 रुपए प्रतिमाह कमाएंगे।

क्योंकि अच्छी सर्विस और समय के साथ आपके ग्राहक बढ़ते चले जायेंगे। अगर आप को ये लेख अच्छा लगा हो तो इसे दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ भी शेयर करें। अगर कोई सुझाव या जानकारी सम्मिलित करनी हो तो भी जरूर बताएं।

Faq –

Q- क्या हम OLX से पैसे कमा सकते हैं?

ANS.- OLX list में टॉप पर रखने के लिए चार्ज करता है, यही टॉप लिस्टिंग OlX और ग्राहक दोनों के लिए लाभ का स्रोत हैं।

Q – olx कैसे लाभ कमाता है?

ANS.- OLX LISTING से मुख्य लाभ कमाता है।

Q – olx क्या है?

Ans.- OLX एक ऑनलाइन marketplace है जहां कोई विक्रेता अपने नए या पुराने समान को लिस्ट कर सकता है, जिसे कोई भी ग्राहक खरीद सकता है।

Bageshwar Sarkar Dham | बागेश्वर धाम कैसे पहुंचे

Bageshwar Dham sarkar Chhatarpur, Bageshwar Dham Balaji, ( About Bageswar Dham, बागेश्वर धाम कहां है, मोबाइल नंबर, रहस्य, बागेश्वर धाम जाने का रास्ता, मंत्र, फोटो, मंदिर, अर्जी और गुरुजी)

Bageshwar Dham: कुछ दिनों से देश में सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम सरकार जिनके नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री है, इस पीठ के पीठासीन है।Facebook हो या YouTube हर जगह वीडियो को लोग बहुत श्रद्धा से देखते हैं, आखिर ऐसा क्या है? तो आइए जानते हैं कि बागेश्वर धाम बालाजी की लीला क्या है –

DHAMBAGESHWAR DHAM SARKAR
GURUJIPANDIT DHIRENDRA KRISHNA SHASTRI
LOCATION CHHATARPUR, M.P.
RELIGION HINDU
BAGESHWAR DHAM FULL ADDRESS GRAM-GADA, GANJ, CHHATARPUR, M.P.

बागेश्वर बालाजी कौन है?

बागेश्वर बालाजी हनुमान जी का ही एक रूप हैं, हनुमान जी स्वयं विराजमान होते हैं और यहां आए हुए हर भक्तों का कष्ट हरण करते हैं। साथ ही अलौकिक रूप में सन्यासी बाबा विराजमान है जो गुरु जी महाराज को भक्तों के कष्टों को दूर करने की प्रेरणा देते हैं।

Bageshwar Dham Balaji Photo

बागेश्वर धाम कहां है?

बागेश्वर धाम मंदिर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गंज कस्बे के नजदीक गड़ा नामक ग्राम में स्थित हैं। यहां के मुख्य पुजारी महंत पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी हैं जिन्हें लोग श्रद्धा से गुरुजी भी कहते हैं।

बागेश्वर धाम का रहस्य:

इसे रहस्य कहे या विशेषता आश्चर्यचकित करने वाली बात ये होती है की अर्जी लगाने वाले व्यक्ति को गद्दी पर बैठे गुरु जी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी नाम रखकर और वह कहां बैठा है, किस रंग का कपड़ा पहना है, ऐसे पुकार कर अपने पास बुलाते हैं। तत्पश्चात उसके किसी भी प्रकार के प्रश्न करने से पहले वह पर्ची पर उस व्यक्ति ने जिस बात के लिए अर्जी लगाई होती है वह प्रश्न और उसका निराकरण लिख लेते हैं।

फिर व्यक्ति से प्रश्न पूछते हैं कि आखिर तुमने अर्जी क्या लगाई थी, व्यक्ति के कहे अनुसार ही पर्ची पर पहले से ही उत्तर लिखा होता है। इसके अलावा गुरुजी उसकी समस्याओं का निराकरण करने का उपाय भी बताते हैं।

विज्ञान ने भले ही इतनी ज्यादा भौतिक प्रगति कर ली हो लेकिन ईश्वरीय शक्तियों का पार पाना संभव नहीं है स्वयं सोचिए कि कैसे एक अनजान व्यक्ति का प्रश्न आखिर गुरु जी कैसे जान जाते हैं।

बागेश्वर धाम का चमत्कार

बागेश्वर धाम बालाजी मंदिर के महंत श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं जो इस धाम के पीठाधीश्वर भी हैं। ये हनुमान जी महाराज श्री बागेश्वर बाला जी के परम भक्त और सन्यासी बाबा के अनुयाई हैं जिनकी प्रेरणा से किसी भी श्रद्धालु व्यक्ति के भूत भविष्य और वर्तमान की गणना कर उसके सामने बिना उसे कोई प्रश्न पूछे उसका निराकरण भी लिख देते हैं। जो अक्षरसः सत्य होती है। यहां तक कि पंडाल में कई लोगों या टीवी चैनलों के पत्रकारों द्वारा गुरुजी की शक्तियों का परीक्षण करने की कोशिश की गई लेकिन उनका भी भेद गुरुजी ने सबके सामने खोल कर रख दिया।

बागेश्वर धाम पर अर्जी कैसे लगाएं?

बागेश्वर धाम मंदिर पहुंचकर स्नानादि क्रियाओं से मुक्त होकर धाम में पहुंचे। तत्पश्चात सबसे पहले एक लाल वस्त्र में नारियल को बांधकर अर्जी (Bageshwar Dham Arji) लगाना होता है। इसके अलावा बागेश्वर धाम में टोकन लेने के लिए भी उचित मोबाइल नंबर पर कॉल करना होता है।

जहां कर्मचारी आपको बताएंगे कि आप की अर्जी कब लगनी है।

यह टोकन प्रत्येक माह की किसी विशेष दिन ही वितरित किए जाते हैं जिस पर दिनांक और समय अंकित रहता है टोकन प्राप्त करने के बाद आपकी अर्जित धाम में स्वयं लग जाती है।

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बागेश्वर धाम की अर्जी घर से कैसे लगाएं?

किसी कारणवश अगर आप बागेश्वर धाम जाने में सक्षम नहीं है तो गुरु जी श्री धीरेंद्र की शास्त्री के द्वारा बताए गए तरीके से आप घर से ही अर्जी लगा सकते हैं जो निम्नलिखित हैं –

  • स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर बागेश्वर बालाजी का घर में पूजन करें।
  • एक पवित्र लाल वस्त्र और एक नारियल लेकर उसको अच्छी तरीके से कपड़े से लपेट लें।
  • नारियल को लाल कपड़े से लपेटते हुए मन ही मन अपनी अर्जी श्री बालेश्वर बालाजी महाराज के चरणों में लगाये।
  • फिर लाल कपड़े से लिपटे नारियल को अपने पूजा स्थान में स्थापित कर दें।
  • ॐ बागेश्वराय नमः मंत्र का एक माला जप करें।
  • इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आप की अर्जी घर से ही लग जाती है।

कैसे पता करें कि अर्जी स्वीकार हुई या नहीं?

मंदिर जाकर या घर से अर्जी लगाने के बाद कुछ दिनों में आपको सपने में हनुमान जी का वानर रूप दिखाई देने लगे तो समझ जाइए कि आप की अर्जी बागेश्वर धाम सरकार में लग गई है।

बागेश्वर धाम जाने का रास्ता:

बागेश्वर धाम बालाजी मंदिर जाने के लिए सड़क मार्ग हवाई मार्ग और ट्रेन मार्ग तीनों का विकल्प मौजूद है। सबसे पहले आपको छतरपुर पहुंचना होगा जहां से खजुराहो पन्ना रोड पर स्थित गंज कस्बे से गड़ा नामक ग्राम पहुंचने के लिए 38 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी। जहां गड़ा ग्राम में बागेश्वर धाम बालाजी महाराज स्वयं विराजमान है।

  • आप ट्रेन से भोपाल या सीधे छतरपुर पहुंच सकते हैं।
  • बस या निजी वाहन द्वारा सड़क मार्ग से छतरपुर होते हुए सीधे बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।
  • इसके अलावा हवाई मार्ग से बागेश्वर बालाजी धाम पहुंचने के लिए आपको नजदीकी एयरपोर्ट खजुराहो या ग्वालियर पहुंचना होता है फिर वहां से सड़क मार्ग द्वारा आप छतरपुर होते हुए बागेश्वर धाम पहुंच पाएंगे।

बागेश्वर धाम कथा कैसे सुने?

बागेश्वर धाम के भजन को अधिकारीक यूट्यूब चैनल से आप (Bageshwar Dham ki katha) जब चाहे जहां चाहे बागेश्वर धाम जी महाराज के कथाओं का श्रवण कर सकते हैं। जिसके लिए आप YouTube पर बागेश्वर धाम लाइव सर्च कर सकते हैं

बागेश्वर धाम के प्रवचन पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा द्वारा श्रीमद् भागवत जी की कथा आस्था टीवी और संस्कार टीवी के माध्यम से आप देख और सुन सकते हैं यह प्रोग्राम लाइव के साथ-साथ रिकॉर्डर भी होते हैं साथ ही बागेश्वर धाम का दर्शन के साथ पूजन और आरती को भी घर बैठे देख कर सकते हैं।

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FAQ-

Q- बागेश्वर धाम किस mP के किस जिले में हैं?

Ans- बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद से 38 किलोमीटर दूर गड़ा नामक ग्राम में विराजमान हैं।

Q- बागेश्वर धाम के गुरुजी का नाम क्या है?

Ans- धाम के गुरु जी का नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री है।

Q- बागेश्वर धाम कितने किलोमीटर दूर है?

Ans- छत्तरपुर से 38 किलोमीटर की दूरी है।

Q- बागेश्वर बालाजी मंत्र क्या है?

Ans- ॐ श्री बागेश्वराय नमः !!

Q- what is bageshwar DHAM contact no. ?

ANS- 8120592371

jagdeep Dhankar Biography in hindi | जगदीप धनकड़ का जीवन परिचय | Vice President Of India

जगदीप धनकड़ का जीवन परिचय, परिवार, शिक्षा, जाति, शादी, बच्चे,पार्टी, इस्तीफा, राज्यपाल (Jagdeep Dhankar Biography, Birth, Education, Political Career in hindi)

जगदीप धनकड़ भाजपा के पूर्व वरिष्ठ नेता और देश के बड़े राजनेता रहे हैं। वर्तमान में श्री जगदीप धनकड़ पश्चिम बंगाल प्रांत के राज्यपाल हैं, उन्हें ममता सरकार के वो फैसले जो उन्हे या देश के लिए ठीक न लगा हो उसका हमेशा विरोध किया है। ये भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य थे। उससे पूर्व वो कांग्रेस में काफी लंबे समय तक रहे है।

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वो राजस्थान के झुंझनू लोकसभा सीट से 1989 में सांसद बने और वो जनता दल सरकार (1989 – 1991) में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों बीपी सिंह और चंद्रशेखर सरकार में बतौर केंद्रीय मंत्री भी काम कर चुके हैं। आज दिनांक 16 जुलाई 2022 को एनडीए की तरफ से देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए नामित किया गया।

जगदीप धनकड़ का जीवन परिचय (Jagdeep Dhankar Biography)

नाम (NAME)जगदीप धनकड़
जन्मतिथि (DOB)18 May 1951 (AGE 71 Yr)
जनस्थान (BOP)किठाना (राजस्थान)
पत्नी (WIFE)सुदेश धनकड़
पुत्र – पुत्रीकामना (इकलौती संतान)
राजनीतिक पार्टी
(POLITICAL PARTY)
कांग्रेस और भाजपा
जाति (CAST )जाट (धनकड़)
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म (RELIGION)हिंदू
सांसद (MOP)1989-1991
प्रधानमंत्री (PM’s)बीपी सिंह और चंद्रशेखर
मंत्री कार्यकाल1989 – 1991
राज्यपालपश्चिम बंगाल
कार्यकाल30 जुलाई 2019 से अब तक
अगली भूमिकाएनडीए की तरफ से अगले उपराष्ट्रपति उम्मीदवार
jagdeep Dhankar Photo

जगदीप धनकड़ का जन्म (Jagdeep Dhankar Wikipedia)

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान प्रांत के किठाना नामक ग्राम में हुआ था। उनका पालन पोषण होने के बाद जब बड़े होने तक गांव में ही रहे।

जगदीप धनकड़ की शिक्षा (Jagdeep Dhankar Education)

जगदीप धनकड़ की प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव किठाना के स्थानीय स्कूल में प्राप्त हुई, उसके बाद आगे की पढ़ाई चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल से हुई थी और स्नातक के लिए वो राजस्थान विश्वविद्यालय गए और वहां से उन्होंने भौतिकी में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद वकालत से जुड़कर वकील बने।

जगदीप धनकड़ का परिवार ( Jagdeep Dhankar family)

जगदीप धनकड़ की शादी सुदेश धनकड़ से हुई थी, जिनसे उन्हें एकमात्र संतान हुई वो उनकी पुत्री हैं और उनका नाम कामना धनकड़ है। Jagdeep Dhankar Caste की बात करें तो वो स्वयं एक जाट परिवार से आते हैं। धनकड़ दंपति को पुत्र (Jagdeep Dhankar son) नहीं है।

जगदीप धनकड़ की संपति (Jagdeep Dhankar networth)

जगदीप धनकड़ की संपति के बारे में वास्तविक जानकारी अभी तक मिल नही पाई है। कुछ सूत्रों के पास अलग अलग विवरण होने की वजह से यहां उनकी संपति का ब्योरा नहीं दर्शाया जा सकता। जैसे ही इस विषय में वास्तविक जानकारी मिल जाएगी, उसे यहां अपडेट कर दिया जाएगा।

जगदीप धनकड़ की राजनीतिक सफर

श्री धनकड़ 9वीं लोकसभा के लिए राजस्थान के झुंझनू से लोक सभा के सांसद चुने गए तब वो जनता दल से चुनाव लड़े थे। फिर जनता दल सरकार में केंद्रीय मंत्री ( 1989- 1991) भी बनाए गए। इसके अलावा वो 10 वीं राजस्थान विधान सभा (1993-1998) के चूनाव में किशनगढ़ से जीतकर विधायक बने। जगदीप धनकड़ राजस्थान हाई कोर्ट वरिष्ठ वकील हैं। वो उच्च न्यायालय राजस्थान के एसोसिएशन बार के अध्यक्ष भी रहे।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

जगदीप धनकड़ को 30 जुलाई 2019 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान अक्सर ममता बनर्जी सरकार की नीतियों के खुले आलोचक भी रहे हैं। एनडीए सरकार द्वारा उन्हें भारत के अगले उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया। संभवतः वो देश के अगले उपराष्ट्रपति बन सकते हैं.

मुखर व्यक्तित्व

जाट समाज के मुखर नेता पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहते हुए ममता सरकार का खुलेआम विरोध करना आम बात हों गई थी, उनका कहना था कि ममता सरकार देश के संवैधानिक ढांचे को नुकसान कर अपनी सरकार बनाए रखना चाहती है। वो उनकी राजनीति और नीतियों के धुर विरोधी रहे। राज्यपाल जगदीप धनकड़ ने ममता बनर्जी सरकार के कई फैसलों को पलट दिया था।

Jagdeep Dhankar Vice President Of India

एनडीए की तरफ से उन्हें आज देश के अगले उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में चयनित किया गया। संभवतः वही भारत के अगले उपराष्ट्रपति बन सकते हैं क्योंकि सरकार के पास बहुमत भी है और पक्ष विपक्ष का भी समर्थन हासिल हो रहा है।

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FAQ-

Q- jagdeep Dhankar Daughter का नाम क्या है?

ANS.- श्री धनकड़ की एकमात्र संतान उनकी पुत्री कामना हैं।

Q- जगदीप धनकड़ किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे?

ANS.- जनता दल सरकार में दो प्रधानमंत्रियों के साथ उन्होंने 1989 से 1991 तक कार्य किया है तब बीपी सिंह और उनके बाद चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे।

Q- जगदीप धनकड़ कहां के राज्यपाल हैं और कब बने?

Ans.- श्री धनकड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल है और वो 30 जुलाई 2019 को इस पद की शपथ लिए थे।

भारत के संभावित अगले उपराष्ट्रपति के ऊपर लिखा आर्टिकल “jagdeep Dhankar Biography in hindi | जगदीप धनकड़ का जीवन परिचय | Vice President Of India” कैसा लगा, कमेंट करके जरूर बताएं। इस विषय से संबंधित कोई भी नई जानकारी आएगी उसे यहां अपडेट किया जायेगा।

Thop TV Live APK v50.9(Latest Version) Enjoy Live Cricket Match

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ThopTV APK Download kaise kare 2022? आज का समय पहले से बहुत बदल चुका है, पहले जहां टीवी देखने के कुछ गिने चुने तरीके होते थे जैसे वो लंबे लंबे एल्यूमीनियम के एंटीने के बाद फिर DTH आया। समय के साथ Technology ने दुनिया भर में दस्तक दी, और तरह तरह के Digital Product आए।

उसके बाद इंटरनेट क्रांति आई और तब से किसी भी लाइव शो या टीवी शो को देखने का तरीका ही बदल गया। आज के समय में लोगों के हाथों में 24 घंटे Mobile Phone है जो चलता फिरता TV भी है, जब चाहे जो चाहे तब कोई Live Cricket, Movie या कोई Web Series। तो उसी के अनुरूप आज हम बात करेंगे Thop Tv Apk kya hai?

App Name Thop Tv Apk
Size 18 MB
Version V50.9.0
Developer Thopster Athen
LicenseFree
Supported Android
Category Entertainment
Downloads 5,624,596+
Thop Tv alternative app

आज हम आपके लिए ThopTv Pro Apk Download कैसे करे, इससे क्या लाभ है, इससे संबंधित पूरी जानकारी इस पोस्ट में देंगे। कि कैसे आप किसी भी Live Cricket हो या कोई Live TV shows आप कैसे इसका फायदा उठा पाएंगे। पूरी जानकारी के लिए चंद मिनट हमारे साथ बने रहे।

What is ThopTv Apk: (थोप टीवी Apk क्या है?)

इससे पहले आपने Thop Tv Live या Thop Tv kya hai की जानकारी आपको थी? Thop Tv एक Mobile App है जिसके द्वारा हम अपने Smart Phone में Live Tv shows, Movies, Web series, Live Cricket match और Game जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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हम Live Cricket या कोई भी लाइव शो देखने के लिए किसी भी OTT एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करके देख सकते हैं, लेकिन उसके लिए हमे प्रतिमाह के हिसाब से कुछ चार्जेस देने होते है, तो वहीं Thoptv alternative app है जिसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें आप फ्री में IPL MATCH से लेकर हर एक शो देख सकते हैं। इसके साथ Thop Tv cricket live match Download भी कर सकेंगे।

ThopTV APK Download कैसे करे (How to Download Thop Tv Apk)

Thop Tv Guide:

अगर आप भी मुफ्त में आप इस एप के जरिए सारे लाइव शो या Live Cricket match देखना चाहते हैं तो आप इस Thop tv Apk Download कर सकते हैं। क्या आपको मालूम है Thop Tv Apk Download kaise kare, अगर नहीं तो मैं आपको बताता हूं कि थोप टीवी ऐप डाउनलोड कैसे करें।

तो सबसे पहले मैं आपको बताना चाहूंगा कि इस Thop live Tv को Google Play Store से डाउनलोड नही कर पाएंगे। और ये Apk iOS Mobile यानी Thop Tv App — Download 2022 नही होता है। आप चाहें तो इस एप को इसकी वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के स्टेप को फॉलो करें –

  • 1 – Thop Tv Apk Download करने के लिए गूगल पर Thop Tv Apk सर्च करें।
  • 2- इससे संबंधित कई परिणाम आएंगे तो आपको सबसे पहले वाले लिंक पर क्लिक कर उस साइट को Open करना होगा। उसके बाद Download के विकल्प पर क्लिक करें।
  • 3- उसके बाद आपके फोन में थोप टीवी एप डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा।
  • 4- Download होने के बाद इसको फोन के Install करने की आवश्यकता है। Install करने के निर्देशों को देखें।

DOWNLOAD

ThopTV Pro APK Install कैसे करे?: How To Install ThopTV?

इस Thoptv ऑफिशियल एप को इंस्टॉल करना बहुत आसान है बशर्ते Old Thoptv apk। लेकिन अगर आप नही जानते की Thop Tv Pro Cricket live Download app के APK install kaise kare, तो उसके लिए स्टेप तो स्टेप फॉलो करें –

Steps To Install ThopTV On Android

  • सबसे नए Thop Tv APK को दिए गए लिंक से डाऊनलोड करें।
  • अपने मोबाइल की सेटिंग में Unknown source Installation को ऑन करे।
  • अब अपने फोन के File Manager को खोलकर Thop Tv Apk पर क्लिक करें।
  • Install वाले बटन पर क्लिक करे।
  • इंस्टालेशन शुरू हो जाएगा, पूरा होने तक रोके नहीं।
  • जब Apk Install हो जाए तब Google Play Store से VPN एप डाउनलोड कर लें।
  • फिर VPN एप को खोले और सामने दिख रहे किसी भी एक सर्वर से कनेक्ट करें, फिर Thop Tv App को ओपन करें और लाइव शो का आनंद लें।

जब Thop Tv Online एप काम न करे?

कभी कभी जब Thop Tv Pro APK काम न करे तो आप VPN का इस्तेमाल कर सकते हैं। GOOGLE PLAY STORE से किसी भी फ्री VPN ऐप को डाउनलोड करके किसी सर्वर से जरूर कनेक्ट करें आप Thoptv Live match देख सकते हैं।

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Faq-

Q – is ThopTv a good app?

Ans.- yes, and also Free।

Q- क्या Thop Tv ipl live Match hindi चलता है?

Ans.- जी हां! बिलकुल फ्री में चलता है, इसके लिए कोई पैसे नहीं देने पड़ते।

q- क्या हम थोप टीवी एप पर लाइव टीवी शो देख सकते हैं?

Ans.- जी हां! अन्य OTT Platform पर हमे एक निश्चित राशि चुकानी होती है उसके बाद हम देखते है और इस एप पर सारे शो मुफ्तe देख पाते हैं।

Captain Amrinder Singh Biography in Hindi | कैप्टन अमरिंदर सिंह का जीवन परिचय

Captain Amrinder Singh Biography in Hindi, कैप्टन अमरिंदर सिंह का जीवन परिचय, जन्मदिन, आयु, पत्नी, बच्चे, पटियाला राजघराना, राजनैतिक जीवन, कांग्रेस, पंजाब लोक कांग्रेस, संपत्ति (Birthday, surname,Age, Wife, Kids, Patiala rajgharana, political Career, Congress, Punjab lok Congress,net worth)

कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय राजनीति के एक बड़े एवं कद्दावर नेता है जिनकी देश के प्रति राजनीतिक समझ औरों से अलग बनाती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय सेना में एक कमीशंड ऑफिसर के तौर पर सेवा दे चुके है, ये पटियाला राजघराना से भी संबंध रखते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रहे है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में इनका कार्यकाल 2002 से 2007 तक और दूसरा कार्यकाल मार्च 2017 से 18 सितंबर 2021 तक रहा।

इसके आलावा वो पहली बार 1980 लोक सभा का चुनाव जीतकर संसद भी पहुंचे थे। इनका जन्म 11 मार्च 1942 को पटियाला राजघराना में हुआ था। कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिता का नाम महाराजा यादवेंद्र सिंह और माता का नाम महारानी मोहिंदर कौर था। कैप्टन ने वेलहम बॉयज़ स्कूल और लॉरेंस स्कूल सनवार, द दून स्कूल, देहरादून से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। इनकी पत्नी परनीत कौर भी राजनीति में सक्रिय है जो मनमोहन सरकार में 2009 से 2014 तक विदेश राज्य मंत्री के रूप में सेवा दीं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह की दो संताने जिनमे एक पुत्र और एक पुत्री हैं। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक करने के बाद 1963 से 1966 तक एक कमिसन्ड अफसर के रूप में देश की सेवा की है। 1965 में सेना से इस्तीफा देने के बाद और उसी साल भारत पाकिस्तान युद्ध में कैप्टन के रूप में वे पुनः सिख रेजिमेंट से जुड़कर देश को विजय दिलाने में अपनी अतुल्य सेवा दिए।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह का जीवन परिचय

नाम (Name)कैप्टन अमरिंदर सिंह
जन्म तिथि (DOB)11 मार्च 1942
जन्म स्थान (Birth Place) पटियाला राजघराना, पटियाला
शिक्षा (Education)स्नातक (indian Military Academy)
उपनाम (Surname)Maharaja of Patiala
पिता (Father)महाराजा यादवेंद्र सिंह
माता (Mother)महारानी मोहिंदर कौर
जीवन साथी (Wife)प्रणीत कौर (1964)
पुत्र/पुत्री (Childrens)1/1
बहन (sister)हमिंदर कौर
व्यवसाय (Occupation)राजनीति
राजनैतिक जीवन (Political Career)कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, शिरोमणि अकाली दल। (पंथिक), पंजाब लोक कांग्रेस
मुख्यमंत्री (Cheif Minister) (Punjab CM)1- 2002 से 2007 तक
2- मार्च 2017 से सितंबर 2018 तक
सेना में सेवा1963 से 1966 तक
पदकैप्टन
युद्ध (War)1965 में भारत पाकिस्तान
पहली बार लोक सभा जीते1980 में

Captain Amrinder Singh military Service

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक की पढ़ाई और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जून सन् 1963 से दिसंबर 1966 तक सेना में सेवा दिए। उनको सिख रेजिमेंट में कमीशन मिला जहां उन्होंने जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वेस्टर्न कमांड, लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह के सहयोगी-डे-कैंप के रूप में सेवा दिए।

Captain Amrinder Singh

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने परिवार की दिक्कतों को देखते हुए 1965 में सेना से इस्तीफा भी दे दिया था लेकिन जैसे ही 1965 में पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्ध छेड़ा, वो तुरंत वापस सेना में लौट आए, और पाकिस्तान को नाकों चने चबाने में अपना योगदान दिया। Captain Amrinder Singh Grandfather name महाराज भूपिंदर सिंह था। वो भी सेना में रह चुके थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह फैमिली हिस्ट्री राजनीति और सेना दोनो की रही है।

Captain Amrinder Singh Biography in Hindi

Captain Amrinder Singh एक सैनिक, राजनेता के साथ साथ एक अच्छे लेखक भी हैं उन्होंने कई किताबे लिखी हैं जिनमे ‘ए रिज टू फार’, ‘लेस्ट वी फोर्गेट’, ‘द लास्ट सनसेट: राइज एंड फॉल ऑफ लाहौर दरबार” और “द सिख इन ब्रिटेन: 150 साल की तस्वीरें”; मुख्य हैं।

उन्होंने भारत पाकिस्तान युद्ध से जुड़ी यादों पर लिखी एक ये भी किताब है, दि मॉनसून वॉर: यंग ऑफीसर्स रीमिनाइस 1965 इंडिया-पाकिस्‍तान वॉर। इसके अलावा वो खेलों में भी रुचि रखते हैं जैसे पोलो,राइडिंग, क्रिकेट, स्क्वैश और बैडमिंटन इनके पसंदीदा खेल है।

क्या आप भी कम पैसे लगाकर ज्यादा पैसे कमाना चाहते हैं तो इसे पढ़ें।

Captain Amrinder Singh Political Career

कैप्टन अमरिंदर सिंह को लोग प्यार से कैप्टन साहब या पटियाला महाराज भी बुलाते है। I इन्होंने एक भारतीय राजनीतिज्ञ, सैन्य इतिहासकार, पूर्व राजा के रूप में भी कार्य किया है। पंजाब कांग्रेस से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की, सेना से वापस आने के बाद 1980 का लोकसभा चुनाव लड़े और तब पहली बार संसद पहुंचे।

कैप्टन साहेब 5 बार विधायक बने, जहां पटियाला से 3 बार विधानसभा पहुंचे वहीं, एक बार समाना से और एक बार तलवंडी का भी प्रतिनिधित्व भी किया। वे 1 सितंबर 2014 से 23 नवंबर 2016 तक रक्षा मंत्रालय संबंधी स्थायी समिति और रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। 2014 के लोक सभा चुनाव में Capatin Amrinder Singh Party कांग्रेस ने अमृतसर से भाजपा के अरुण जेटली के सामने चुनाव लड़े और विजयी रहे।

साथ ही 2015 में उन्हे पंजाब कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष भी बना दिया गया। 2016 के विधान सभा चुनाव को देखते हुए उन्होंने 23 नवंबर 2016 को लोक सभा से इस्तीफा देकर अपना पूरा ध्यान पंजाब के चुनाव पर लगाया जिससे उनकी पार्टी की सत्ता में वापसी हुई जिसके बाद वो पंजाब के 26वें मुख्यमंत्री के रूप में अमरिंदर सिंह ने शपथ ली।

फिर पंजाब की राजनीति में नए कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से हुए विवादों के बाद मुख्यमंत्री के पद और कांग्रेस दोनों से इस्तीफा दे दिया । जिसके बाद Captain Amrinder Singh Party पंजाब लोक कांग्रेस ( PLC) बनाए और 2022 के विधान सभा में भाजपा से गठबंधन कर चुनाव लड़े।

Captain Amrinder Singh latest news

  • खबरों के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी का विलय 2024 के आम चुनावों से पहले हो सकता है, और अमरिंदर सिंह को भविष्य में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।
  • Captain Amrinder Singh Vice President के लिए भी NDA के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं। जो वर्तमान उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू का स्थान ले सकते हैं।

Captain Amrinder Singh net worth

खबरों के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुल संपत्ति भारतीय रुपए में 82.5 करोड़ की अनुमानित है। जिसमे उनकी पैतृक संपत्ति, नगद और आभूषण भी सम्मिलित है।

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faq

q- कैप्टन अमरिंदर सिंह के कितने बच्चे हैं?

Ans.- इनके दो बच्चे हैं जिनमे एक पुत्र और एक पुत्री है। जिनका नाम रनिंदर सिंह और जय इंदर कौर है।

q- कैप्टन अमरिंदर सिंह की उम्र कितनी है?

Ans- इनकी उम्र 80 वर्ष है जन्मतिथि 11 मार्च 1942 के अनुसार।

q- कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी कौन हैं?

Ans.- इनकी पत्नी का नाम प्रणीत कौर है जो खुद एक राजनेता है और मनमोहन सरकार में बतौर विदेश राज्य भी रह चुकी हैं।

q- कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिता का नाम क्या था?

Ans.- कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिता का नाम महाराज यादवेंद्र सिंह था, जो पटियाला घराना (रियासत) के अंतिम राजा भी थे।

q- कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी का क्या नाम है?

Ans.- इनकी नई पार्टी का नाम पंजाब लोक कांग्रेस (PLC) है।

Blogging se Paise kaise Kamaye 2022

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Bloggin se Paise kaise Kamaye आप भी सोच रहे हैं तो मैं कहूंगा कि आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं। क्योंकि आज के समय में job’s की कमी और आमदनी कम होने से व्यक्ति पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है जिससे आज हर आम आदमी परेशान है इसीलिए आज के युवा नए तरीकों से कमाना शुरू कर चुके है या कमाने के लिए काम करना शुरू कर दिए हैं।

आखिर कैसे हम ब्लॉग बनाकर पैसे कमा सकते हैं? जिसका उत्तर है ब्लॉग पर विज्ञापन चलाकर। तो ये विज्ञापन कहां से आते है। इसके लिए गूगल एडसेंस का अप्रूवल लेना पड़ता है। साइट पर चल रहे ad पर visitor द्वारा क्लिक करने पर पैसे बनने शुरू हो जाते हैं।

आज के समय में पूरी दुनिया ऑनलाइन होती जा रही है ऐसे में अगर हम सोचे कि पुराने तौर तरीकों से ही पैसे कमाएं तो हम जैसे लोग जमाने के साथ कदम मिलाकर नही चल सकते और साथ ही पिछड़ भी जायेंगे। तो क्यों नहीं काफी कम खर्चे के साथ भी या बिना खर्चे के साथ भी हम अपने खाली समय का इस्तेमाल कर Online Money Making Ideas में से एक ब्लॉगिंग से पैसे कमा सकते हैं। तो आइए जानते हैं How to start Blogging in India.

Blogging क्या है?

जब भी हम कोई प्रश्न Google या किसी अन्य Search Engine पर डालते हैं जिसके बाद कई सारी sites के लिंक नीचे आ जाते हैं। जिनमें से किसी पर भी क्लिक कर अपने प्रश्नों के उत्तर की जानकारी प्राप्त कर पाते हैं। यही साइट BLOG या BLOGSITE होती हैं। दुनिया के लाखों Creators अनेक विषयों पर ब्लॉग बनाकर दुनिया को जानकारी देने के साथ पैसे कमा रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि जानकारी देना तो ठीक लेकिन उसके बदले में पैसे कैसे कमाते होंगे? जिसकी जानकारी आपको आगे देंगे।

अपने देश भारत में ही बड़े बड़े ब्लॉगर है जो महीने के करोड़ों रुपए कमाते हैं जिनमे Neel Patel, Pavan Agrawal, satish kushwaha जैसे अनेक नाम है। अब ये लोग ब्लॉग के साथ youtube videos भी बनाते हैं। Blogging कोई Short Term Plan नही है। इसके लिए Creativity के साथ धैर्य का होना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे पैसे आने में 6 महीने से 1 साल लग जाता है। जिसके बारे में आगे जानकारी मिलेगी।

Blog vs website

अगर आप भी What is difference between blog and website सोच रहे हैं तो मैं आपको इसका सीधा और सरल उत्तर दूंगा। BLOG वो साइट होती हैं जहां एक नियत समय के अनुसार Article या लेख Publish होते रहते हैं। और Website किसी ब्रांड, कंपनी या संगठन की होती है जिसपर अपनी एक निश्चित जानकारी दी जाती है। Website पर प्रतिदिन या निश्चित समय में Article Publish नही किया जाता। इतना ही अंतर है ब्लॉग और वेबसाइट में।

How To start A Blog Business and get paid

Blog की शुरुआत आप अपने Laptop या मोबाइल से कर सकते हैं। Blog के मुख्यतः दो प्लेटफार्म हैं जहां से आप ब्लॉग बना सकते है, पहला खुद Google का मुफ्त Blogger.com या WordPress जिसके लिए आपको कुछ पैसे खर्च करने पड़ते है। सबसे पहले आपको GoDaddy, namecheap, Hostinger या मार्केट में उपलब्ध अनेक Domain Provider से एक यूनिक डोमेन लेना होगा। सबसे उपयुक्त .Com होता है उदाहरण के लिए जैसे https://example.com

  • Blogger par
  • WordPress पर

1 – Blogging Start करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प Blogger.com हैं जिसके लिए आपको blogger.com पर जाकर अपने Gmail I’d से login करना पड़ता है। उसके बाद कुछ सेटिंग करने के बाद आपको कुछ पेज बनाने अनिवार्य हैं जैसे –

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Blogger.com

Blog banakar paise kaise kamaye

ब्लॉगर की सेटिंग के लिए आप चाहे तो YouTube पर blogger Setting की वीडियो देख सकते हैं। फिर आप अपने पसंद के विषय पर पोस्ट लिखकर पब्लिश करना शुरू कर सकते है। इसके साथ आपको गूगल सर्च कंसोल, गूगल एनालिटिक्स में भी अकाउंट बनाना पड़ेगा। पोस्ट नियमित तौर पर लिखें जब आपके पोस्ट पर प्रतिदिन का कम से कम 100 Visitors आने लगे तब Google Adsense के लिए अप्लाई करें।

2- WordPress से ब्लॉगिंग करना Blogger की अपेक्षा आसान होता है क्योंकि wordpress पर अनेक फीचर्स के लिए कई तरह के Plugin उपलब्ध होते हैं जबकि Blooger पर वही काम Coding के जरिए होता है। अगर आप थोड़ा पैसा खर्च करने की स्थिति में हैं तो मैं आपको WordPress के साथ Blogging Start करने की सलाह दूंगा। क्योंकि इसमें आप आसानी के साथ आकर्षक तरीके से अपने विचार को प्रस्तुत कर पाते हैं।

वर्डप्रेस पर काम करने से पहले आपके मन में ये प्रश्न आना स्वाभाविक है कि How much money do i need to start Blogging? तो मैं आपको बता दूं इसके लिए आपको डोमेन दोनो के लिए लेना होता है। वैसे डोमेन ब्लॉगर या WordPress दोनो के लिए ही आवश्यक है। उसके बाद Hosting लेना होगा जहां आपको साइट Host होगी।

  • Domain के लिए 400 से 700 रुपए तक का खर्च आ सकता है।
  • WordPress Hosting के लिए 100 रुपए प्रतिमाह से plans शुरू हो जाते है। शुरआत करने के लिए न्यूनतम प्लान के साथ शुरू करें।

जब अच्छा खासा ट्रैफिक आपके ब्लॉग पर आने लगे तब अन्य होस्टिंग प्लान में जा सकते है। सेटअप करने के बाद यहां भी आपको 4 या 5 पेज बनाना होगा। जिसमें –

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जरूरी पेज हैं। इन्हे जरूर बनाएं क्योंकि आपके ब्लॉग की रैंकिंग और Google Adsense का अप्रूव होना इसपर भी निर्भर करता हैं। इसके बाद आप अपने आर्टिकल पोस्ट कर सकते है।

ब्लॉग से पैसे कैसे कमाए इन हिंदी

सबसे मुख्य बात यही है कि ब्लॉग से पैसे कैसे कमाए। Blogger या WordPress में से किसी पर जब ब्लॉग बनाकर पोस्ट लिखने शुरू कर दिए तो कब और कहां से पैसे आयेंगे? तो मैं आपको बता दूं कि ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए आपको Google Adsense के लिए अप्लाई करना होगा।

Adsense के लिए आवेदन करने के कुछ दिनों के बाद आपको पास गूगल एडसेंस की तरफ से मेल आएगी, जहां आपको बधाई देने देने के साथ बताया जाता है की आपकी साइट Adsenss Approved हो गई। कुछ दिनों के बाद आपके दिए गए पते पर एक Google द्वारा भेजा गया pin Post के जरिए पहुंचता है जिसमे से उस pin को एडसेंस अकाउंट में सबमिट करना पड़ता है।

जिसके बाद आपके ब्लॉग पर Ads दिखने शुरू हो जाएंगे। और साथ ही आपकी कमाई भीं शुरू हो जाएगी। इस प्रकार आप अपने ब्लॉग पर गूगल एडसेंस लगाकर पैसे कमाएं। कभी कभी जब हम कम पोस्ट लिखकर Adsense के लिए अप्लाई करते हैं तो गूगल Adsenss Approve नहीं करता।

Google Adsense मिलने और आपके ब्लॉग पर ads चलने के साथ आपको कुछ विशेष बातों का भी ध्यान रखना होता है, जैसे अपने पोस्ट पर चल रहे Ads पर क्लिक नही होने चाहिए और न ही किसी से करने के लिए कहें अन्यथा Google आपका Adsenss Disable भी कर सकता है।

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faq –

Q- ब्लॉग से कमाई कैसे होती है?

Ans.- blog से कमाई मुख्यतः Google Adsense के जरिए होती है इसके अलावा Affiliate se, Guest Post और Ad Network का इस्तेमाल कर की जाती है।

Q- ब्लॉग से कितना कमा सकते हैं?

Ans.- blog से कमाई का कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। आप जितना यूनिक और अच्छा पोस्ट लिखते हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक आएगा और आपकी कमाई होगी।

Q- ब्लॉगिंग किस टॉपिक (Niche) पर करें?

ANS.- लोगों को देखकर मत भागो, आपका जो मनपसंद विषय हो या जिसपर आपकी पकड़ हो, उसे ही चुने।

आपको ये लेख ” Blogging se Paise kaise kamaye” कैसा लगा। इस आर्टिकल में बेसिक जानकारी दी गई है जिसे आपके लिए शुरुआती जानकारी के तौर पर बताया गया है। इसके आगे की जानकारी अगले पोस्ट में मिलेगी। आप चाहें तो इसे दोस्तों संग शेयर कर सकते है। अपना बहुमूल्य राय जरूर दें।

(आवेदन फॉर्म) Delhi Ladli Yojana ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और लाड़ली योजना एप्लीकेशन स्टेटस लाभार्थी सूची, लॉगिन प्रक्रिया व कांटेक्ट डिटेल्स देखे

Delhi Govt ladli yojana, Delhi Ladli Yojana,दिल्ली लाडली योजना 2022, (दिल्ली लाडली योजना क्या है? इस योजना से लाभ, उद्देश्य, पात्रता, विशेषताएं, दस्तावेज और इसमें आवेदन कैसे कैसे करें)

दिल्ली सरकार ने बेटियों को सशक्त और मजबूत बनाने के लिए जिससे लोग बेटे और बेटियों में अंतर को दूर कर सकें, ई इसके लिए दिल्ली सरकार ने बेटियों के लिए दिल्ली लाडली योजना 2022 की शुरुआत की है। इस योजना को पुनः लाने का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों को बेटों ले समान देखा जाय और उनका जन्म दर भी अच्छा हो। जिसके अंतर्गत आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है।

इस लेख में दिल्ली लाडली योजना 2022 से संबंधित पूरी जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं। कि दिल्ली लाडली योजना क्या है? इस योजना से लाभ, उद्देश्य, पात्रता, विशेषताएं, दस्तावेज और इसमें आवेदन कैसे कैसे करें, अगर आप भी दिल्ली लाडली योजना 2022 का पूरा विवरण जानना चाहते हैं तो आप से विनम्र निवेदन है कि इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

Delhi ladli yojana 2022

Contents

Delhi Govt ladli yojana 2022: दिल्ली सरकार द्वारा लाई जाने वाली दिल्ली लाडली योजना में बच्चियों के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा का खर्च को वहन करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना ला लाभ लेकर बेटियां समाज में सशक्त बनने के साथ उच्च शिक्षा ग्रहण कर ऊंचे पदों पर आसीन होंगी। इस योजना का एक दूसरा उद्देश्य बच्चियों के जन्मदर को बढाना भी है जिससे कोई बेटे और बेटी में फर्क न करें।

delhi Ladli Yojana

वहीं जहां बच्चियां अक्सर स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं, लेकिन अब इस दिल्ली लाडली योजना से मिलने वाली आर्थिक मदद से ड्रॉप आउट दर में भी गिरावट आएगी। वहीं अगर आप भी अपनी बिटिया के लिए Delhi Ladli Yojana online Apply करना चाहते हैं तो आप इसके आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और आवेदन करें।

दिल्ली लाड़ली योजना 2022 का कार्यान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा।

दिल्ली लाडली योजना 2022 के अनर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता

आर्थिक सहायता के लिए निश्चित समयआर्थिक सहायता
अस्पताल या संस्थागत डिलीवरी के समय11,000 रुपए
घर में डिलीवरी के समय10,000 रुपए
प्रथम कक्षा में प्रवेश के समय5,000 रुपए
6वीं में प्रवेश के समय5,000 रुपए
10वीं में प्रवेश के समय5,000 रुपए
12वीं में प्रवेश के समय 5,000 रुपए

दिल्ली लाडली योजना का बजट

दिल्ली लाड़ली योजना का सार्वभौमिक उद्देश्य बच्चियों को समाज में सशक्त और समर्थ बनाना है। सरकार ने बेटी के जन्म के बाद से 12वीं तक की शिक्षा तक अलग अलग चरणों में आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया है। जो जन्म के समय से लेकर 12वीं तक 5,000/- से 11,000 तक दिया जाना है।

इस योजना का संचालन 1 जनवरी 2008 से ही चल रहा है। प्रतिवर्ष इस योजना के लिए अलग से बजट का आवंटन किया जाता है। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए पिछले वर्ष मार्च 2021 में 100 करोड़ का बजट पास किया गया था। इस Delhi Govt ladli yojana का लाभ लेने के लिए आप इस योजना की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसका आवेदन ONLINE या OFFLINE कर सकते हैं।

लाडली योजना दिल्ली 2022 का उद्देश्य

Delhi Ladli Yojana In Hindi का मुख्य लक्ष्य समाज में फैले बच्चियों के प्रति उस अवधारणा को तोड़ना है जिसमें बेटियों को बेटों से कमतर देखा जाता है। इस योजनांतर्गत आर्थिक सहायता देकर समाज में बेटियों के प्रति सोच में सुधार लाना है। जिससे जन्मदर और लिंगानुपात संतुलित भी रहे।

वहीं बिटिया के जन्म से लेकर 12वीं की पढ़ाई तक 5000 रुपए से लेकर 11,000 रुपए तक का आर्थिक सहायता का प्रावधान उनकी पालन और शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना भी है। जिससे वो आगे चलकर उच्च शिक्षा भी प्राप्त करें। इस दिल्ली लाडली योजना 2022 के अन्य फायदे ड्रॉप आउट रेट में कमी और भ्रूण हत्या जैसे संगीन घटनाओं को रुकने से भी है।

Key Features of Delhi government ladli yojana in hindi

योजना दिल्ली लाडली योजना
राज्य/सरकारदिल्ली/दिल्ली सरकार
योजना का उद्देश्यबच्चियों समाज में सशक्त बनाना
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
मान्य वर्ष2022
वित्तीय सहायता 5,000 रुपए से लेकर 11,000 रुपए तक
योजना का आरंभ01 जनवरी 2008
आवेदन कैसे करेंऑनलाइन या ऑफलाइन दोनो विकल्प मौजूद

दिल्ली लाड़ली योजना 2022 पात्रता

  • बिटिया के माता पिता (आवेदक) दिल्ली राज्य के स्थाई निवासी हों
  • बिटिया का जन्म दिल्ली में ही हुआ हो, चाहें किसी संस्था के अनर्गत या घर पर।
  • बिटिया के माता पिता की सालाना आमदनी 1,00000 रुपए या उससे कम होनी जरूरी है।
  • बिटिया का नाम राज्य के किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय में ही पंजीकृत कराना अनिवार्य है।
  • दिल्ली लाडली योजना का लाभ परिवार की मात्र दो बच्चियों को ही मिल सकेगा।

Delhi Ladli Yojana 2022 में आवेदन के लिए आवश्यक कागजात

  • बिटिया तथा माता-पिता के आधार कार्ड की फोटो कॉपी
  • माता पिता का आय प्रमाण पत्र
  • बिटिया का जन्म प्रमाण पत्र
  • माता-पिता का बिटिया के साथ एक फोटो
  • दिल्ली में रहने का पिछले 3 वर्ष का निवास प्रमाण पत्र
  • फोटोग्राफ (पासपोर्ट साइज )
  • जाति प्रमाण पत्र
  • माता पिता में से किसी का बैंक अकाउंट पासबुक
  • मोबाइल नंबर

दिल्ली लाड़ली योजना 2022 परिपक्कता राशि के लिए दावा

  • जो बालिका दसवीं की परीक्षा पास कर चुकी हो और उसकी आयु 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो, वो परिपक्वता राशि के लिए आवेदन कर सकती है।
  • जो बालिका दसवीं पास करने पर भी उसकी आयु 18 वर्ष से कम हो वो 12वीं पास करने के बाद परिपक्वता राशि के लिए दावा कर सकती है।
  • इस योजना में परिपक्वता राशि को प्राप्त करने के लिए बिटिया के पास SBIL से ACKNOWLEDGEMENT का होना जरूरी है। साथ ही अन्य जरूरी कागजात भी लग सकते हैं।
  • इस योजना में आवेदन करते समय ACKNOWLEDGEMENT LETTER भी जमा करना होता है।
  • बिटिया के नाम से भारतीय स्टेट बैंक में खाता आवश्यक है।
  • बैंक में खाता खुलवाने के लिए ACKNOWLEDGEMENT LETTER जरूरी है।
  • इसके बाद बैंक द्वारा बिटिया की राशि एक यूनिक आईडी नंबर पर ट्रांसफर कर दी जाएगी जो बैंक द्वारा दिया दिया जाएगा।

दिल्ली लाडली योजना BENEFITS IN HINDI

  • दिल्ली लाडली योजना का प्रयास समाज में व्याप्त बच्चियों के प्रति दुर्भावना को दूर करना है।
  • दिल्ली लाडली योजना में 5000 से 11000 रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • बिटिया के जन्म से लेकर 12वीं में प्रवेश लेने तक आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
  • इस योजना से बच्चियां पढ़ लिखकर सशक्त एवं अपने पैरो पर खड़ी हो सकेंगी।
  • बच्चियों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने में भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • Delhi Ladli Yojana से बच्चियां स्कूल नहीं छोड़ेंगी और बेटियां इस योजना से प्रोत्शाहित होंगी।
  • इस योजना का संचालन राज्य के महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है।
  • योजना का शुभारंभ 1 जनवरी 2008 को किया गया था।
  • इस योजना में किसी प्रकार की बजट की समस्या नहीं आती है।
  • इस योजना से लिंगानुपात पर भी फर्क देखा गया है।

delhi Ladli Yojana online Apply कैसे करें।

आप भी अपनी बिटिया के लिए दिल्ली लाडली योजना में आवेदन करना चाहते है तो नीचे लिखे स्टेप का अनुसरण करें।

दिल्ली लाडली योजना का स्कूल द्वारा आवेदन करें।

  • विद्यालय में दिल्ली लाडली योजना प्रभारी इसकी योजना की संपूर्ण जानकारी देगा।
  • इस योजना में आवेदन करने के लिए लिए फॉर्म को भरकर तथा सारे जरूरी कागजतो के साथ प्रभारी के पास जमा करें।
  • इस फॉर्म को स्कूल के प्रिंसिपल से सत्यापित कराना अनिवार्य है।
  • उसके बाद जिला कार्यालय में जमा किया जायेगा।
  • जहां पर इस आवेदन पत्र को जांचा जायेगा, सबकुछ सही होने पर उसे SBIL को भेज दिया जाएगा।
  • स्कूल के द्वारा दिल्ली लाडली योजना में आवेदन करने की यही प्रक्रिया है।

दिल्ली लाडली योजना का विद्यालय द्वारा रिन्यूअल

  • लाडली योजना के प्रभारी द्वारा इस योजना की पूरी जानकारी देंगे।
  • प्रभारी ही रिनुअल फॉर्म इकट्ठे करेंगे।
  • रिनुअल फॉर्म इकठ्ठा करने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल के पास जमा किए जाएंगे।
  • स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा सभी रिन्यूअल फॉर्म की जांच की जाएगी।
  • फिर सारे आवेदन पत्रों को जिला कार्यालय में जमा कराया जायेगा।
  • प्राप्त आवेदन पत्रों का जिला कार्यालय में सत्यापन किया जायेगा। त्रुटिरहित पाए जाने पर इसे SBIL को भेज दिया जायेगा।
  • दिल्ली लाडली योजना 2022 को विद्यालय द्वारा रिन्यूअल करने की यही प्रक्रिया है।

Delhi Ladli Yojana status कैसे पता करें?

  • सबसे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
  • होम पेज पर दिख रहे दिल्ली लाडली स्कीम के विकल्प पर क्लिक करें
  • अब आपको इस पेज पर To Know the status of Application Under Ladli Schem here के विकल्प पर क्लिक करें
  • नया पेज खुलेगा जहां पर आपको पॉलिसी नंबर, ग्रुप मेंबर आईडी, मेंबर डी ओ बी तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • तत्पश्चात Submit का बटन क्लिक करते ही Delhi Ladli Yojana status दिख जायेगा।

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delhi Ladli Yojana helpline number

इस दिल्ली लाडली योजना 2022 में आवेदन करने से पहले या बाद में कोई भी समस्या आए तो आप विभाग के दिए गए Contact Number’s पर कॉल कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। Helpline Number निम्न प्रकार से हैं।

  1. Contact Number- 011-23381892
  2. SBIL Toll-Free Number- 1800229090

FAQ-

Q- दिल्ली लाडली योजना कब शुरू की गई थी?

Ans- इस योजना का प्रारंभ 1 जनवरी 2008 को किया गया था।

Q- Delhi Ladli Yojana में कितनी राशि प्रदान करने का प्रावधान है?

Ans- इस योजना के अंतर्गत 5000 रुपए से लेकर 11000 रुपए तक का प्रावधान है।

Q- क्या इस योजना का लाभ अन्य राज्य के लोग ले सकते हैं?

ANS- नहीं! इस योजना का लाभ लेने के लिए पिछले तीन वर्षों का निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

Q- दिल्ली लाडली योजना में आवेदन कैसे करें?

Ans- दिल्ली लाडली योजना 2022 में आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनो में से किसी को चुन सकते हैं।

इस लेख में दिल्ली लाडली योजना 2022 की संपूर्ण जानकारी देने का प्रयास हमारी तरफ से किया गया है। आप इसे अपने परिवार के सदस्यों और मित्रों में शेयर कर सकते हैं जिससे इसका लाभ अनेक लोगों को मिल सकता है। आपको ये लेख कैसा लगा। कमेंट कर जरूर बताएं।

Eknath Shinde Biography in Hindi | एकनाथ शिंदे का जीवन परिचय | chief minister of maharashtra

एकनाथ शिंदे का जीवन परिचय , प्रारंभिक जीवन,परिवार, शिक्षा, जाति ,शादी ,बच्चे ,राजनीति , मुख्यमंत्री( Eknath Shinde Biography, Birth, Education, Family, Son, Net Worth and Political Career, chief Minister of Maharashtra )

Eknath Shinde: आज कल लगातार सुर्खियों में रहने वाला ये नाम वर्तमान महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भारत के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बने हुए हैं। एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना पार्टी के एक पुरोधा राजनीतिज्ञ हैं। लेकिन इन दिनों वो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बगावत कर चुके हैं।

एकनाथ शिंदे के पास लगभग शिवसेना के असंतुष्ट दो तिहाई विधायकों के साथ निर्दल विधायकों का भी साथ मिल रहा है जिससे वो उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से हटने के लिए मजबूर कर दिए हैं, तो आइए जानते हैं आखिर इतना चर्चित नाम एकनाथ शिंदे का जीवन परिचय।

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एकनाथ शिंदे कौन हैं?

एकनाथ शिंदे वर्तमान महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री थे। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति मे बने नए समीकरणों को वजह से भाजपा नीत गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालेंगे। एकनाथ शिंदे मूलतः महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े राजनीतिज्ञ हैं। एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के खास आनंद दिघे के सिद्धांतो को मानने वाले हैं।

Eknath Shinde

आनंद दिघे के साथ रहकर ही एकनाथ शिंदे ने राजनीति का ककहरा पढ़ा, ये चार बार से विधायक चुने जाते रहे। 2004, 2009, 2014 और चौथी बार 2019 में शिवसेना के टिकट पर ठाणे के कोपरी – पछपखडी से विधायक चुने गए।

नाम (Name)एकनाथ शिंदे
जन्मतिथि (Date of Birth)9 फरवरी 1964
आयु (Age)58 वर्ष (2022)
वजन (waight)68 किलो ग्राम
जन्मस्थान (Place of Birth)मुंबई, महाराष्ट्र
शिक्षा (Education)स्नातक (B.A.) मराठी और राजनीति शास्त्र में
प्रारंभिक विद्यालयन्यू हाई स्कूल ठाणे, महाराष्ट्र
कॉलेज (Collage)वासवंतराव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र
धर्म (Religion)हिंदू
जाति (cast)पाटीदार
idiology हिंदुत्व
नागरिकता (Citizenship)भारतीय
पेशा (Occupation)राजनीति
वैवाहिक स्थिति (Marrital Status)विवाहित
राजनीतिक दल (Political Party)शिवसेना
कुल संपत्ति (net worth)7.82 करोड़ ( 2019)

एकनाथ शिंदे का प्रारंभिक जीवन

एकनाथ शिंदे का जन्म भारत की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र राज्य की राजधानी मुंबई में 9 फरवरी 1964 को हुआ था। इनके पिता जी का नाम संभाजी नवलू शिंदे और माता का नाम गंगू बाई शिंदे है। एकनाथ शिंदे की पत्नी का नाम लता शिंदे है, जो अपना बिजनेस संभालती हैं। शिंदे दंपति की इकलौती संतान के रूप में पुत्र हैं जिनका नाम श्रीकांत शिंदे है।

एकनाथ शिंदे का जीवन बहुत संघर्षों से भरा हुआ है, इनका परिवार बहुत गरीब था। उस समय एकनाथ शिंदे अपने परिवार के भरण पोषण के लिए मुंबई में ऑटो रिक्शा चलाते थे, ऑटो रिक्शा चलाने ले साथ वो ज्यादा पैसे कमाने के लिए शराब की फैक्ट्री में भी काम करने लगे।

जिससे उनका परिवार चल पाता था। 1980 के दशक में शिवसेना और बाला साहेब ठाकरे से प्रभावित होकर एकनाथ शिंदे शिवसेना के सदस्य बन गए, कहा जाता है तब भारत की राजनीति में खुलकर कट्टर हिंदुत्व की बात कोई नहीं कर पाता था। तब बाला साहेब ठाकरे ने राजनीति में हिंदुत्व जैसे मुद्दे को अपनाया था।

एकनाथ शिंदे पहली बार शिवसेना के टिकट पर 2004 में विधायक चुने गए, उसके बाद 2009, 2014 और 2019 में विधायक बने, जिसके बाद भाजपा से गठबंधन तोड़कर उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई। जिसमे एकनाथ शिंदे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

बाला साहेब ठाकरे की मृत्यु के बाद महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की हिंदुत्ववादी नेता के तौर पहचान बनी। लेकिन इधर 2019 में सरकार बनने के साथ ही एकनाथ शिंदे की रंगत कम पड़ने लगी। राज्य और सरकार में उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र आदित्य ठाकरे का कद बढ़ने लगा, और शिंदे को महत्व कम दिया जाने लगा।

साथ ही बागी शिवसेना के विधायकों के अनुसार पार्टी और सरकार में उनकी नही सुनी जाती थी। इसके विपरित एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की हर बात मानी जाती थी। ऐसे में उपेक्षित विधायक एकनाथ शिंदे से मिलकर अपनी बात कह पाते थे। जिसके बाद 37 से ज्यादा विधायको ने शिवसेना से अपना गुट अलग कर एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया।

एकनाथ शिंदे की शिक्षा (Eknath Shinde Education )

एकनाथ शिंदे की प्रारंभिक शिक्षा न्यू इंग्लिश हाई स्कूल ठाणे से हुई। घर की आर्थिक स्थिति देख उन्होंने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़कर छोटे मोटे काम करना शुरू कर दिया। कभी ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट भरने वाले एकनाथ शिंदे ने बहुत संघर्ष किया है।

उन्ही दिनों 1980 के आस पास शिवसेना प्रमुख बाल साहेब ठाकरे और ठाणे जिला प्रमुख आनन्द दिघे से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखे। और शिवसेना के सैनिक बन गए।2014 के विधान सभा चुनाव जीतकर भाजपा + शिवसेना में मंत्री बने, फिर अपनी अधूरी पढ़ाई की पुनः शुरुआत भी की।

जिसके बाद उन्होंने वासवंत राव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र से मराठी और राजनीति शास्त्र में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद डिग्री हासिल की।

एकनाथ शिंदे का परिवार (Eknath Shinde family)

एकनाथ शिंदे जी की माता जी का नाम गंगुबाई शिंदे है। इनके पिताजी का नाम संभाजी नवलु शिंदे था। इनकी पत्नी का नाम लता शिंदे है, इनके दो पुत्र और एक पुत्री थे। लेकिन 2000 के एक हादसे में एक पुत्र और पुत्री का असमय निधन हो गया। अब इनके एकमात्र पुत्र श्रीकांत शिंदे हैं।

एकनाथ शिंदे का राजनीतिक करियर (Eknath Shinde political Carriar)

  • एकनाथ शिंदे 1997 में पहली बार पार्षद बने, जो ठाणे नगर निगम से पार्षद का चुनाव जीते थे।
  • 2001 में इनको ठाणे नगर निगम में सदन के नेता के तौर पर चुना गया।
  • 2002 में दुबारा एकनाथ शिंदे ने ठाणे नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज की।
  • 2004 में एकनाथ शिंदे पहली बार विधायक का चुना लड़े और जीत का परचम लहराया।
  • शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को 2005 में ठाणे जिला प्रमुख पद पर बिठाया।
  • एकनाथ फिर 2009 में महाराष्ट्र विधान सभा के चुनाव में विजय प्राप्त कर विधान सभा पहुंचे।
  • 2014 में भाजपा + शिवसेना गठबंधन चुनाव में जीतकर विधान सभा पहुंच गए।
  • अक्टूबर 2014 से लेकर दिसंबर 2014 तक एकनाथ विधानसभा में नेता विपक्ष रहे।
  • फिर भाजपा + गठबंधन की सरकार दिसंबर 2014 में बनने पर मंत्री बने।
  • 2014 से 2019 तक ठाणे के संरक्षण मंत्री रहे।
  • 2019 में भाजपा सरकार मे लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बने।
  • 2019 में चुनाव जीतने पर में शिवसेना का नेता नियुक्त किया।
  • 2019 में विधानसभा में शिवसेना विधायक दल के नेता नियुक्त हुए।
  • 28 नवंबर 2019 को महा विकाश अघाड़ी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
  • इनको शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए।
  • साथ ही इनको गृह मामलों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया।
  • 2020 में ठाणे शिवसेना का संरक्षण मंत्री भी बनाया गया।

एकनाथ शिंदे का राजनीतिक उदय

एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गुरु आनद दिघे की दुर्घटना में अकस्मात मृत्यु 26 अगस्त 2001 को हो गई। जिसको तब लोग राजनीतिक हत्या करार देते थे। गुरु आनंद दिघे की असमय मृत्यु हो जाने से ठाणे में शिवसेना का प्रभुत्व कम होने लगा।

जिसके बाद ठाणे की कमान एकनाथ शिंदे को सौंपी गई, जिसके बाद एकनाथ ने अपनी बुद्धिमता और कौशल से शिवसेना का किला ठाणे में फिर से मजबूत कर दिया। इस प्रकार महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना में उनका कद धीरे धीरे बढ़ने लगा।

शिवसेना टूट के कगार पर

वर्तमान में मची पार्टी में कलह के लिए विधायको द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कसूरवार ठहराया जा रहा है। कई विधायको का अचानक एकनाथ शिंदे के साथ मुंबई छोड़ सूरत जाना और वहां से असम के गुवाहाटी में रुकने और दो तिहाई से ज्यादा विधायकों के एकनाथ शिंदे को समर्थन देने से उद्धव ठाकरे सरकार अल्पमत में आ गई है।

विधायको का सीधा दोषारोपण मुख्यमंत्री पर है की वो उनसे मिलते तक नहीं थे, और एनसीपी, कांग्रेस के विधायको और मंत्रियों का मुख्यमंत्री तक सीधे आना जाना लगा रहता। वो अपने क्षेत्र में काम कराने के लिए फंड ले जाते रहे और मुख्यमंत्री से हमारा मिलना भी मुश्किल हो गया था। जिसके बाद सबने अलग गुट बना लिया।

कुछ का तो यहां तक कहना है कि असली सरकार शरद पवार चला रहे थे। उद्धव ठाकरे बस नाम के ही मुख्यमंत्री थे। हिंदुत्व को छोड़कर पार्टी दूसरे छोर पर जा रही थी जिससे शिवसैनिकों में असंतोष व्याप्त होने लगा था। ऐसा देखकर हमने ऐसा कदम उठाया, ऐसा कई विधायकों का कहना है।

chief minister of maharashtra

29 june 2022 को उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद एकनाथ शिंदे और अन्य विधायक गोवा में ठहरे थे। जिसके बाद भाजपा और शिंदे गुट ने मिलकर सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के यहां पेश किया। साथ ही चौकाने वाले फैसले के साथ भाजपा हाईकमान ने 30 जून 2022 को ही पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जगह एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री घोषित किया।

एकनाथ शिंदे की कुल संपत्ति (eknath shinde net worth)

एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 तक एकनाथ शिंदे की कुल अनुमानित संपति 7 करोड़ 82 लाख बताई गई है। जिसमे से बैंक में जमा पैसा ₹ 2,81000 है। वहीं नगद धन के तौर पर इनके पास 32,64,760 रुपए है। साथ में 30,591 रुपए के दिवेंचर और bond हैं।

इससे हटकर जीवन बीमा और LIC में कुल 50,08,930 रुपए हैं। वाहन और आभूषण मिलाकर 80,00000 रुपए की संपति है। इनके पास एक जमीन का टुकड़ा है जिसकी कीमत 28,000000बताई गई है। साथ में कमर्शियल प्रॉपर्टी की कीमत 30,00000 रुपए है।

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FAQ-

Q- एकनाथ शिंदे कौन हैं?

ANS.- एकनाथ शिंदे शिवसेना के नेता और भाजपा गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री बने हैं

Q- Eknath Shinde family में कौन कौन हैं?

Ans- वो स्वयं, पत्नी और एक पुत्र जिनका नाम श्रीकांत शिंदे है।

Q- Eknath Shinde cast क्या है?

ANS.- पाटीदार समुदाय से आते है।

Q- एकनाथ शिंदे शिक्षण कहां तक हुआ है?

ANS.- स्नातक तक।

बच्चों को अच्छा भोजन मिल सके जिसके लिए मां बाप ने….| Hindi kahani

Hindi kahani, एक माता पिता जिन्होंने अपने बच्चों के लिए घर, जमीन, kahani hindi me, kahani hindi sangrah,hindi story

Hindi kahani: शायद आपके साथ भी ऐसा हुआ हो, जब आप किसी चीज या खिलौने के लिए अपने माता पिता से जिद्द करने लगे हों या रोने लगे हो। मेरी समझ से ऐसा हर माता पिता और बच्चे की जिंदगी में आना स्वाभाविक है और ऐसा होता भी है। इसका संबंध अमीरी गरीबी से बिल्कुल नही होता।

ऐसे ही इस कहानी के किरदार हैं। इसे आप कहानी मान सकते हैं लेकिन कहीं न कहीं, किसी न किसी या यूं कहें ये कहानी भी ज्यादा लोगों को अपनी कहानी सी लगे। ऐसा मैं इसलिए कह पा रहा हूं कि अक्सर ऐसा हमारे भारतीय समाज में ही होता है।

kahani in hindi (PDF) उत्तर प्रदेश के एक सुदूर छोटे से गांव में एक निम्न मध्यम वर्गीय किसान दंपति रहते थे, जिनका नाम महादेव और सरस्वती था। उनकी तीन संताने थीं, जिनमे एक पुत्री और दो जुड़वा पुत्र थे। महादेव और सरस्वती का जीवन सामान्य गति से चल रहा था।

लेकिन गांव के ही एक बड़े आदमी के पुत्र की सेना में सरकारी नौकरी लग गई। उस बड़े आदमी ने अपने पुत्र की सरकारी नौकरी लगने की खुशी में रिश्तेदारों और गांव के लोगों के लिए भोज का आयोजन किया, और पूरे गांव के लोगों को भोजन का निमंत्रण भिजवाया।

गांव के अन्य लोगों की तरह इस भोज का निमंत्रण महादेव के घर भी आया। महादेव के तीनों बच्चे फूले नहीं समाए, महादेव ने बच्चों को आपस में बाते करते सुना जो बिटिया अपने छोटे भाइयों से कह रही थी – “होली के बहुत दिन बाद आज हमे अच्छा भोजन खाने को मिलेगा” ।

इतना सुनकर महादेव की आंखों से गंगा की धार बह चली, जैसे तैसे अपने को संभालते हुए अपनी पत्नी सरस्वती के पास पहुंचकर बिटिया के कहे शब्द सुनाए तो किसान की पत्नी सरस्वती भी भावुक हो गई, लेकिन स्वयं को संभालते हुए अपने पति से बोली; कि भगवान है अपने दिन भी लौट आएंगे।

रात हो चली थी, किसान के तीनों बच्चें घर में जो रूखा सूखा भोजन बना था उसे खाकर सो गए थे। लेकिन महादेव की आंखों से नींद गायब थी और आंखों में पानी भरा था। जिसे देख उसकी पत्नी ने पूछा – “अजी क्यों परेशान होते हो, बच्चों की बातों को दिल पर लेने की जरूरत क्या है”।

लेकिन कहते हैं कि व्यक्ति अपनी तकलीफ को एक बार अनदेखा कर देता है लेकिन बच्चों की तकलीफ असहनीय हो जाती है। ऐसा ही महादेव के साथ हो रहा था। तभी उसकी पत्नी ने महादेव से पूछ लिया कि – आखिर उस बड़े आदमी के बेटे की सेना में सरकारी नौकरी कैसे लगी।

महादेव ने रूंधे हुए गले से बताया कि वो धनवान लोग हैं जिससे वो अपने बच्चे को पढ़ा लिखाकर सेना की नौकरी करने के योग्य बना दिए हैं। इतना सुनकर किसान की पत्नी को मानो खजाना मिल गया हो, वो तपाक से बोली कि – हमारे बच्चे भी पढ़ लिख जाएं तो उनकी भी सेना में नौकरी लग जायेगी।

जिसका उत्तर महादेव ने हां में दिया, लेकिन साथ ही खुद को कोसते हुए कहा कि – हमारी इतनी औकात कहां जो अपने बच्चो को पढ़ा लिखाकर सरकारी नौकरी के योग्य बना सकें। ठीक उसी समय सरस्वती के मानस पटल पर कुछ चल रहा था, जैसे कोई खजाना मिलने वाला हो।

जैसे तैसे रात बीती, अगली सुबह सरस्वती ने अपने पति महादेव से बड़े ही शांत चित्त से कहा कि – हम चाहें तो हमारे तीनों बच्चे पढ़ लिख कर अच्छा भोजन और अच्छा जीवन जीने के अधिकारी हो सकते हैं। काफी विचार विमर्श करने के बाद किसान दंपति अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए राजी हुए।

लेकिन जब नजदीक शहर के एक अच्छे स्कूल में अपने बच्चों का नाम लिखवाने गए तो वहां पर शुल्क काफी ज्यादा थी, ऐसे करते करते कई स्कूलों में गए, लेकिन अत्यधिक शुल्क न दे पाने की स्थिति से हताश होने लगे। ऐसे में मन मानकर बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा दिया।

किसान के तीनों बच्चे भी अपने माता पिता की स्थिति से भली भांति अवगत थे। तीनों बच्चें मन लगाकर पढ़ाई करने लगे। कहते हैं कि ऊपर वाला भी व्यक्ति को हर तरफ से गरीब नहीं करता, कहीं न कहीं संपन्नता देता ही है। (यहां संपन्नता का मतलब बौद्धिकता से है)। तीनो बच्चे अपने माता पिता से कभी अनावश्यक मांग नहीं करते थे।

साल बीतते गए, किसान की बिटिया मैट्रिक पास कर इंटरमीडिएट में चली गईं थी और दोनो जुड़वा बच्चें मैट्रिक में दाखिला ले चुके थे। इधर अब महादेव की खेती से कमाई कम पड़ने लगी थी क्योंकि बच्चे ऊपरी कक्षाओं में पढने लगे थे। लेकिन महादेव अपने जरूरत पड़ने पर रिश्तेदारों से उधार लेकर काम चला लिया करता।

बिटिया ने 12वीं की परीक्षा में जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया तो आस पास के लोग बिटिया को आशीष देने आए और साथ ही महादेव को सलाह देने लगे कि – भाई महादेव तुम्हारे हिसाब से बिटिया ने अपनी पढ़ाई भी पूरी कर ली है अब इसके हाथ पीले कर दो, और अपने दोनो बच्चों को पढ़ाओ। लेकिन महादेव और उसकी पत्नी कहां लोगों की बातों में आने वाले थे।

महादेव ने बिटिया का दाखिला स्नातक में करवाया और उसकी बिटिया ने भी पूरे मन से पढ़ाई की और स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण कर गई। उसी साल दोनों जुड़वा बच्चों ने भी स्नातक में साथ ही दाखिला लिया और पढ़ने लगे।

बिटिया स्नातक की पढ़ाई करने के बाद घर पर खाली बैठी थी। आस पास के लोगो काना फूसी करने लगे कि महादेव अपनी बिटिया के विवाह के लिए कोई तैयारी ही नही कर रहा। लेकिन महादेव के कानों पर जूं कहां रेंगने वाली थी। वो अपनी बिटिया से पूछा कि क्या वो और पढ़ना चाहती है, उत्तर में बिटिया ने कहा कि – पिता जी मैं एक बार पीसीएस की परीक्षा में बैठना चाहती हूं।

इधर दोनो बच्चों का स्नातक पूरा हुआ और बिटिया पीसीएस की पढ़ाई के लिए शहर आ गई। इधर महादेव की आर्थिक स्थिति चरमरा रही थी, उसे अब बहुत ज्यादा आर्थिक दिक्कत होने लगी, यहां तक कि जिन रिश्तेदारों से उधार ले लिया करता था उन्होंने भी अब पैसे देने से मना कर दिया।

बहन को पीसीएस की तैयारी करते देख दोनो भाइयों ने भी अपने माता पिता से पीसीएस की तैयारी करने की बात कही। माता पिता ने तुरंत हां कर दिया और अगले दिन बड़े शहर बहन के पास दोनो बच्चों को पढ़ाई के लिए भेज दिया। लेकिन महादेव ने बच्चों को अपनी स्थिति का आभास तक न होने दिया।

आईएएस – पीसीएस जैसी तैयारियों के लिए पैसा और समय दोनो लगता है। इधर महादेव के पास पैसों की समस्या दिन पर दिन बढ़ने लगी। अपने पति को परेशान देख कर सरवस्ती ने अपने गहने बेचकर बच्चों को फीस और खर्चे भेजे। फिर धीरे धीरे महादेव ने अपनी जमीन बेचकर पैसे भेजने शुरू कर दिए लेकिन बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं दी।

संयोग ये देखिए तीनो बच्चे एक साथ पीसीएस की परीक्षा में बैठे; इधर महादेव और सरस्वती के पास अब कुछ नहीं रहा मतलब गहना, घर और जमीन सब बिक चुका था। लेकिन ऐसे माता पिता ने अपने बच्चों तक इसकी खबर न होने दी।

महादेव और सरस्वती भी उसी शहर में आ गए थे कि कोई नौकरी करके बच्चों के पास पैसे भेजेंगे। जहां बच्चे पढ़ रहे थे। जैसे तैसे महादेव को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिली। महादेव सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर पैसे बच्चों को भेजने लगा, लेकिन उसी शहर में रहकर अपने बच्चों से दूर रहा।

कहते हैं कि” ऊपर वाला जब देता है छप्पर फाड़कर देता है।” ऐसा ही हुआ महादेव और सरस्वती के साथ। जिस दिन पीसीएस का अंतिम परिणाम आने वाला था। उसी दिन महादेव की ड्यूटी भी उसी कोचिंग इस्टीट्यूट के मेन गेट पर लगी, जहां उसके बच्चे पढ़ते थे। इस दौरान महादेव ने अपने चेहरे को अंगोछे से ढक रखा था कि कहीं उसके बच्चे उसे पहचान न लें।

चेहरा अंगोछे से ढके होने के बावजूद महादेव को उसकी बिटिया ने कोचिंग इंस्टीट्यूट में जाते समय पहचान लिया था, पिता की ऐसी हालत देख बिटिया की आंखे डबडबा गईं, लेकिन खुद को संभालते हुए अपने भाइयों के साथ कोचिंग इंस्टीट्यूट में परिणाम देखने चली गई।

परीक्षा के परिणाम की घोषणा हुई जिसमे महादेव की बिटिया उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान और दोनो बेटे क्रमशः सातवें और ग्यारहवें स्थान पर आए। इसके बाद महादेव की बिटिया अपने दोनो भाइयों को लेकर दौड़ती पड़ती हुई मेन गेट तक पहुंचती है और अपने हाथों से अपने पिता के चेहरे से अंगोछा हटा देती है।

अपने सामने अपने पिता को ऐसे देख कर तीनों बच्चों पिता से लिपटकर फूट फूट कर रोने लगते हैं। किराए के घर पहुंचकर मां से मिलते है और फिर वही गंगा जमुना की धारा फिर से फूट निकलती है। अगले दिन अखबार में तीनों बच्चों के छपे फोटो को अपनी पत्नी सरस्वती को दिखाकर रुवांसे गले से महादेव कहता है कि – “अब उसके बच्चों को हर रोज अच्छा भोजन मिलेगा” ।।

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DRAUPADI MURMU BIOGRAPHY IN HINDI | द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय |

Draupadi Murmu Biography in hindi, द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय, द्रौपदी मुर्मू कौन हैं, [जीवनी, जाति, उम्र, पति, सैलरी, बेटी, बेटा, आरएसएस, शिक्षा, राष्ट्रपति, जन्म तारीख, परिवार, पेशा, धर्म, पार्टी, करियर, राजनीति, अवार्ड्स, इंटरव्यू] [caste, age, husband, income, daughter, rss, president, sons, qualification, date of birth, family, profession, politician party, religion, education, career, politics career, awards, interview, speech]

Draupadi Murmu का जन्म उड़ीसा के मयूरभंज जनपद में बैदापोसी नामक ग्राम में 20 जून 1958 को हुआ था। द्रौपदी मुर्मू संथाल जनजाति समूह से आती हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपना भविष्य संवारने के लिए काफी संघर्ष किया।

द्रौपदी मुर्मू के एक नए यात्रा की शुरुआत 21 जून 2022 को हुई, जब भारतीय जनता पार्टी नीत गठबंधन राजग की तरफ से उन्हें देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया है। अगर इस बार वो राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हो जाती है तो देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनेंगी।

इससे पहले वो देश की पहली जनजातीय राज्यपाल झारखंड की रह चुकी है। द्रौपदी मुर्मू अपने राजनीतिक जीवन में विधायक से लेकर कई पदों पर आसीन रही हैं उनका शिक्षा से भी काफी गहरा नाता रहा है।

द्रौपदी मुर्मू का फोटो

द्रौपदी मुर्मू कौन हैं: Who is Draupadi Murmu

Draupadi Murmu (द्रौपदी मुर्मू) एक राजनीतिक व्यक्ति रही हैं उनकी राजनीतिक संबंध भारतीय जनता पार्टी से रहा है। द्रौपदी मुर्मू 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के चुनाव में काउंसलर चुना गया था। इसके अलावा श्रीमती मुर्मू 2006 से लेकर 2009 तक भारतीय जनता पार्टी की एस. टी. मोर्चा की उपाध्यक्ष भी रहीं हैं।

मोबाइल और टेक से संबंधित त्वरित जानकारियों के लिए

जब उड़ीसा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल की संयुक्त सरकार चल रही थी। तब 6 मार्च 2000 से 6 अगस्त 2002 तक परिवहन और वाणिज्य मंत्री का दायित्व संभाला उसके बाद उन्हें मंत्रालय बदलकर मत्स्य और पशुपालन की जिम्मेदारी दी गई जिसको बखूबी निभाया।

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के तौर पर नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। द्रौपदी मुर्मू का कार्यकाल MLA के तौर पर काफी सम्मानीय रहा है। जिसके लिए उन्हें उड़ीसा की राजनीति में काफी सम्मान भी प्राप्त था।

द्रौपदी मुर्मू का कार्यकाल

MLA 2000 – 2009Rairangpur
MINISTER OF STATE (INDEPENDENT CHARGE)
6 march 2000-16 March 2016GOVT. OF ODISHA
GOVERNER 18 may 2015 – 12 july 20219th Governer Of Jharkhand
NOMINATED FOR PRESIDENT OF INDIA21 june 2022NOMINATION
PRESIDENT OF INDIA25 July 2022On Chair

द्रौपदी मुर्मू की शिक्षा

द्रौपदी मुर्मू की ने अपनी स्नातक की पढ़ाई भुवनेश्वर के रमा देवी विमेंस कॉलेज से की थीं। इसके बाद उनका विवाह श्याम चरण मुर्मू से हुआ। द्रौपदी मुर्मू की तीन संताने हुई जिनमे दो बेटे और एक बेटी इति श्री (Draupadi Murmu Daughter) हुई। लेकिन दुर्भाग्यवश मृत्यु हो गई और उनके पति श्री श्याम चरण मुर्मू भी स्वर्गवासी हो गए।

2004 से 2009 तक द्रौपदी मुर्मू विधान सभा सदस्य भी रहीं। साथ ही उन्होंने पार्टी के एस. टी. मोर्चा के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। अनेक पदों पर काम करते हुए इनकी राजनीतिक जीवन में एक नई जिम्मेदारी दी गई।

द्रौपदी मुर्मू 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू बनीं। जो भारतीय इतिहास में पहली जनजातीय महिला राज्यपाल बनी।

द्रौपदी मुर्मू Family

द्रौपदी मुर्मू का पालन पोषण उनके दादा ने किया था, तब उनके दादा पंचायती राज में अपने गांव के सरपंच हुआ करते थे। शिक्षा पूरी करने के बाद द्रौपदी मुर्मू का विवाह श्याम चरण मुर्मू से हुआ। जिनसे उनको तीन संताने हुई जिनमे दो पुत्र और एक पुत्री हुई। दुर्भाग्यवश उनके दोनों पुत्रों की असमय मृत्यु हो गई।

उनकी अब एकमात्र संतान जो इनकी बेटी इति श्री हैं। जिनका विवाह हो चुका है। द्रौपदी मुर्मू cast से आदिवासी जनजाति हैं और वो देश की पहली महिला आदिवासी जनजाति से आती है जो देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान हैं।

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली जनजातीय महिला राजपाल बनीं जिनका कार्यकाल 2015 से 2021 तक रहा। वो बतौर झारखंड राज्यपाल दो मुख्यमंत्रियों के साथ काम।कर चुकी है। जिनमे तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री रघुवर दास और कांग्रेस झामुमो गठबंधन के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम आता है।

द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामित

भाजपा नीत गठबंधन राजग की संयुक्त उम्मीदवार के तौर 21 जून 2022 को देश के 16वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए नामित किया गया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके बताया कि ” मुझे विश्वास है कि वह एक महान राष्ट्रपति होंगी।’

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि द्रौपदी मुर्मू ने अपना जीवन समाज की सेवा में समर्पित किया है। उन्‍होंने गरीबों, दलितों के साथ हाशिए के लोगों को सशक्त बनाने के लिए अपनी ताकत झोंक दी। उनके पास समृद्ध प्रशासनिक अनुभव है और उनका कार्यकाल उत्कृष्ट रहा है। विश्वास है कि वह देश की एक महान राष्ट्रपति होंगी।

नरेन्द्र मोदी ने लिखा कि वो लोग जिन्होंने गरीबी का अनुभव किया है और कठिनाइयों का सामना किया हो वो द्रौपदी मुर्मू के जीवन से काफी ऊर्जा प्राप्त किया करते हैं साथ ही उनको नीतिगत मामलों की जानकर दयालु भी बताया।

द्रौपदी मुर्मू: भारत की राष्ट्रपति

द्रौपदी मुर्मू देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में चुनी जा चुकी हैं, वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जायेगा। जिसके अगले दिन 25 जुलाई 2022 को द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश N V Ramana भारत के राष्ट्रपति की शपथ दिलाएंगे।

राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को कुल 6,78,803 यानी 64.09% वोट मिले जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3,80,177 यानी 35.97% वोट ही मिल पाए। श्रीमती मुर्मू के जीत में वोटो का अंतर 28% रहा।

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q- द्रौपदी मुर्मू कौन हैं?

Ans.- द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्र भारत की एक राजनेता और अब देश की राष्ट्रपति हैं।

q- द्रौपदी मुर्मू के पति कौन थे?

Ans.- द्रौपदी मुर्मू के पति स्व. श्याम चरण मुर्मू थे।

Q- द्रौपदी मुर्मू का घर कहा है?

Ans.- द्रौपदी मुर्मू का घर उड़ीसा के मयूरगंज जनपद के बैदापोशी ग्राम में हैं।

q- द्रौपदी मुर्मू का जन्म कब हुआ था?

Ans.- 20 June 1958

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