ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस | Dry Fruits Successful Business Idea in Hindi | लागत से मुनाफे तक

Dry fruits business

ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस (Sale, Investment, Profit) Dry Fruits Business in Hindi, Packaging, Supply, Gift Packing,

ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस कैसे शुरू करें।

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वैसे तो ड्राई फ्रूट्स को लोग पूरे साल सेवन करते हैं, लेकिन सर्दी के मौसम में इसकी खपत ज्यादा होने से मांग भी बढ़ जाती है। और अब तो मिठाइयों की जगह ड्राई फ्रूट्स गिफ्ट करने का भी प्रचलन बढ़ा है, दीपावली और भैया दूज के त्योहार में ड्राई फ्रूट्स की मांग ज्यादा बढ़ जाने से इसके रेट में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलती है। ड्राई फूट्स का बिजनेस निश्चित तौर पर लाभ देने वाला बिजनेस है।

अगर आप भी ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस प्रारंभ करना चाहते है, तो इसकी लागत से लेकर उपलब्धता और लाभ तक की जानकारी यहां पर दी गई है जिससे आपको अपने ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस शुरू करने में निश्चित तौर पर मदद मिलेगी।

ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस के लिए मार्केट और क्वालिटी रिसर्च बेहद जरूरी

ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस शुरू करने से पहले इस व्यवसाय की बारीकी जानना बेहद जरूरी है अन्यथा आपको लाभ मिलने से पहले ही नुकसान झेलना पड़ सकता है। क्योंकि बाजार में अनेक प्रकार के ड्राई फ्रूट्स उपलब्ध हैं जिन्हे बिना जानकारी के पहचाना नहीं जा सकता। कि कौन सा ड्राई फ्रूट्स अच्छा है या कम अच्छा।

सबसे पहले आप अपने स्थानीय थोक बाज़ारों में जाकर देखिए। कि किस ड्राई फ्रूट्स की क्वालिटी कैसी है, और उसमे ग्राहकों की दिलचस्पी कैसी है। साथ ही youtube और google के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ड्राई फ्रूट्स में जैसे बादाम गिरी (Almond) की बात करें तो बादाम में ही अनेकों किस्म है।

ड्राई फ्रूट्स के प्रकार

 बादाम (Almond) में

  • California Almond
  • Independent Almond
  • None Perial Almond
  • Sanora Giri Almond
  • Pre None Perial Almond

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काजू (Cashew)

  • W – 180
  • W – 210
  • W – 240
  • W – 350
  • W – 450

काजू में W -180 आकार में लंबा और सबसे महंगा होता है। W – 210 काफी लोकप्रिय है, ये बाजार में जंबो नाम से प्रसिद्ध है। W – 240 अपने औसत मूल्य की वजह से ज्यादा बिकता है। W – 320 इसका उत्पादन बहुत ज्यादा होता होने की वजह से ज्यादा बिकता है, और W – 450 बाजार का सबसे सस्ता, आकार में सबसे छोटा और ज्यादा सफेद होता है।

पिस्ता (Pistachios)

  • Fandoghi Pistachios
  • Kalleqochi Pistachios
  • Arbari or Badami Pistachios
  • Karmel Pistachios
  • Green skined Pistachios
  • Roasted and salted Pistachios
  • Turkish Antep Pistachios
  • Red Pistachios
  • Akbari Pistachios

खजूर (Dates)

  • Medual dates
  • Piyarom dates
  • Diglate dates
  • Mazafali dates
  • Barhi dates
  • Rabbi Dates
  • Thoori dates
  • Seyar dates
  • Dayari dates
  • Halavi dates
  • Sukkari dates
  • Khudri dates
  • Zahidi dates
  • Safve dates

अखरोट (Walnut)

  • Californica Black Walnut
  • Cinerea or Butternut walnut
  • Arizona walnut
  • Jaglans Walnut
  • Hindsii walnut

किशमिस (Raisins)

  • Black Raisins
  • Currants Raisins
  • Sultana Raisins
  • Red Raisins
  • Green Raisins
  • Golden Raisins

जैसे अनेकों और किस्में है जिनके बारे में बुनियादी जानकारी रखना जरूरी है नही तो आपको कोई भी थोक व्यापारी नौसिखिया समझ कर महंगा और कम अच्छा उत्पाद बेच देगा। जिससे आपको बिजनेस में लाभ के बदले हानि हो सकती है।

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ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस को शुरू करने के लिए जरूरतें

  1. लोकेशन
  2. दुकान/गोदाम
  3. लाईसेंस और रजिस्ट्रेशन
  4. माल की उपलब्धता
  5. माल की सप्लाई के लिए एक वाहन

ड्राई फ्रूट्स के बिजनेस के लिए मॉल कहा से खरीदें

आप ड्राई फ्रूट्स को अपनी दुकान पर बेचें या बाजार में सप्लाई करे, उससे पहले ये की माल कहा से खरीदे ? अगर आपको अपने स्थानीय थोक बाजार में ड्राई फ्रूट्स का स्टॉक अच्छे दर पर मिल जाए तो अच्छा है, नही तो आप दिल्ली के चांदनी चौक के ड्राई फ्रूट्स थोक बाजार से खरीदारी कर सकते हैं।

जहां पर बहुत ही अच्छे दर ड्राई फ्रूट्स पर और सारी किस्मों के मिलने की पूरी संभावना है। उसे आप भी बाजार में अच्छे दर पर सप्लाई देकर बहुत अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे। इसके अलावा आप बिना कहीं गए Indiamart से ही थोक में और अच्छे दर पर खरीदारी कर सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स का खुदरा (Retail) बिजनेस:

ड्राई फ्रूट्स का खुदरा व्यापार यानी दुकान भी खोल सकते हैं, जहां से आप थोक के मुकाबले अच्छी दर पर विक्रय कर सकते है, जिसमे लाभ की दर भी ज्यादा होगी। आप ग्राहकों को बाजार के रेट से भी कम दर पर ड्राई फ्रूट्स बेच सकते है क्योंकि आप के पास अच्छे दर पर ख़रीदा गया माल है। जिससे धीरे धीरे ही सही लेकिन तब ज्यादा ग्राहक बन जायेंगे, जिससे आपका मुनाफा भी ज्यादा होगा।

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ड्राई फ्रूट्स का थोक/सप्लाई का व्यापार

ड्राई फ्रूट्स का थोक बिजनेस के लिए सबसे पहले आपके पास कम से कम दो सौ वर्गमीटर का जगह होनी आवश्यक है। जहां पर माल रखने के लिए पर्याप्त जगह हो, जहां पर फुटकर दुकानदार आसानी से आ सके, और वहां वाहन के आने जाने के लिए रास्ता भी हो।

आप स्वयं भी मार्केटिंग कर सकते है या इसके लिए कोई स्टाफ भी रख सकते हैं। नजदीकी बाजार में दुकानदारों से मिल कर अपने Product को दिखाकर, अच्छा रेट पर सप्लाई कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स बिजनेस के लिए जरूरी लाइसेंस और पंजीकरण

जब आप ड्राई फ्रूट्स की दूकान (Retail Shop) खोलते हैं तो उसके लिए छोटे स्तर पर FASSAI लाईसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती, आप केवल पंजीकरण के द्वारा काम चला सकते है, जिसे आप FASSAI की वेबसाइट से या क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक के द्वारा भी बनवा सकते है। आपकी दुकान का सालाना टर्न ओवर बीस लाख रुपए से कम है तो GST REGISTRATION की भी आवश्यकता नहीं है।

लेकिन जब आप ड्राई फ्रूट्स का या कोई भी थोक व्यापार करते है उसके लिए लाईसेंस और GST REGISTRATION जरूरी होता है। चुकी ड्राई फ्रूट्स खाद्य पदार्थ है तो FASSAI लाइसेंस तो लेना ही पड़ेगा, और साथ में GST पंजीकरण भी अनिवार्य है।

ड्राई फ्रूट्स बिजनेस में स्टाफ जरूरी है?

यदि आपकी खुदरा दुकान है और ग्राहक जब ज्यादा आने शुरू हो जाय और अकेले आप उसे संभाल न पाए तो स्टाफ रखना जरूरी हो जाता है। थोक व्यापार में तो आपको स्टाफ रखना ही पड़ेगा, जैसे गोदाम में काम करने वाले, पैकेजिंग के लिए, सप्लाई करने के लिए, साथ में वाहन का चालक जैसे कई स्टाफ रखने पड़ सकते हैं।

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ड्राई फ्रूट्स बिजनेस में पैकेजिंग महत्वपूर्ण

इस बिजनेस में पैकेजिंग का अपना विशेष महत्व है, आपका खुदरा व्यापार हो या थोक व्यापार, दोनो में ड्राई फ्रूट्स की पैकेजिंग बहुत जरूरी है। जिसके लिए आप Swisspack से अपने हिसाब से पैकेजिंग का ऑनलाइन ऑर्डर दे सकते हैं। या शुरू में साधारण पैकिंग के साथ भी शुरू किया जा सकता है।

लेकिन साधारण पैकेजिंग में आज के बाजार को देखते हुए प्रोडक्ट डाउनग्रेड हो जाता है इसीलिए संभवतया प्रोडक्ट क्वालिटी के साथ पैकेजिंग में भी कोई समझौता न करें। जिस प्रोडक्ट की पैकेजिंग बहुत अच्छी होती है ग्राहक उसी को खरीदने में दिलचस्पी दिखाता है। इसके अलावा अपने नजदीकी पैकेजिंग वालों से भी ऑर्डर कर सकते हैं, और Indiamart से भी पैकेजिंग का ऑर्डर दे सकेंगे।

ड्राई फ्रूट्स के बिजनेस में लगने वाली लागत

छोटे स्तर यानी आप जब ड्राई फ्रूट्स का खुदरा (Retail) बिजनेस करते हैं तो आप इस बिजनेस को शुरुआती 50,000/- रुपए में शुरू कर पाएंगे। वही अगर थोक व्यापार की बात करे तो वाहन, गोदाम और माल पर कम से कम 12 से 15 लाख रुपए तक खर्च आ सकता है।

ड्राई फ्रूट्स का बिजनेस कितना लाभप्रद है ?

इस व्यवसाय में लाभ का प्रतिशत दर 25% से 30% होता है। इन ड्राई फ्रूट्स का रेट अलग अलग होता है। जैसे एक किलोग्राम अच्छे बादाम का थोक रेट 790/- प्रति किलो है जिसे आप खुदरा (Retail) में 990/- प्रति किलो तक आसानी से बेच सकते है, जिसमे लाभ का प्रतिशत 25% बनता है। वही अगर इसे थोक में बेचना या सप्लाई करना हो तो इसका रेट 850/- से लेकर 900/- रुपए प्रति किलो रख सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स के बिजनेस में मार्केटिंग का महत्व

किसी भी बिजनेस को आगे बढ़ाने में मार्केटिंग की अति विशेष भूमिका होती है। और आज के समय बाजार में इतनी प्रतियोगिता है कि आप अपने प्रोडक्ट को बिना बेहतर मार्केटिंग को लंबे समय तक स्थापित नहीं रख पाएंगे। मार्केटिंग के लिए आप बाजार और दुकानदारों के यहां अपने प्रोडक्ट या ब्रांड का पोस्टर लगाए।

साथ ही ऑनलाइन भी Promotion जारी रखें। साथ ही दुकानदारों को भी बंडल ऑफर देते रहें, जैसे 50 kg काजू पर 5 kg किशमिश मुफ्त। ये एक उदाहरण मात्र है, इस प्रकार आप अपने तरीके से ऑफर बनाकर खुदरा या थोक बिजनेस का Promotion कर सकते हैं।

ड्राई फ्रूट्स के बिजनेस में क्या जोखिम भी है?

जी ! बिल्कुल ड्राई फ्रूट्स के बिजनेस में बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन बरसात के मौसम में नमी और फफूंदी लगने का डर बना रहता है। इसलिए अपने दुकान या गोदाम में माल को ऐसे व्यवस्थित रखे, जिससे नमी या फफूंद उस तक न पहुंचे।

चूहों से भी बचाकर रखना पड़ेगा।क्योंकि अगर आपके दुकान या गोदाम में चूहे पहुंच गए तो बड़े पैकेट या छोटे पैकेट्स को कुतर कर नुकसान पहुंचा सकते हैं, हमे बस कुछ इन्ही सावधानियां बरतनी पड़ेंगी।

सबसे बड़ी सावधानी ये कि हमे केवल महंगा और ज्यादा माल नहीं भरना, जिसकी मांग ज्यादा हो वही अपने दुकान या गोदाम में रखें। अन्यथा आपकी पूंजी फस सकती है। जिसकी बाजार में मांग कम हो उसका स्टॉक भी कम रखना चाहिए।

बेसन का बिजनेस कैसे शुरू करें?

मैने इस विषय पर वर्तमान व्यापारियों से राय और पूरी जानकारी लेने के बाद ही लेख लिखा है, अतः आप इस विषय पर व्यापार कर सकते हैं, जो काफी और सुनिश्चित लाभ देने वाला व्यवसाय है।

आपको ये लेख कैसा लगा, कमेंट करके जरूर बताएं।

 

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